
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चले कॉकरोच जनता पार्टी के बहुचर्चिक आंदोलन और राजनीतिक हलचलों के शांत होने के बाद केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से अचूक बनाने के लिए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में परीक्षा प्रक्रियाओं को तकनीकी रूप से बेहद मजबूत बनाने, साइबर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक हाई-पावर टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है। इस उच्चस्तरीय समिति के जरिए सरकार का मुख्य फोकस देश की तमाम बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की सेंधमारी को रोकने और ‘जीरो एरर’ यानी शून्य त्रुटि की नीति पर सख्ती से अमल करना है।
क्यों पड़ी इस हाई-पावर टास्क फोर्स की जरूरत और क्या है इसका मेन प्लान
सूत्रों के अनुसार, यह नई टास्क फोर्स पहले से गठित राधाकृष्णन समिति का कोई विकल्प नहीं है, बल्कि उसी दिशा में और अधिक आक्रामक और तकनीकी रूप से सुदृढ़ तरीके से काम करने वाला एक विशेष समूह है। जहां राधाकृष्णन समिति ने परीक्षा सुधारों का एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया था, वहीं यह नई टास्क फोर्स मुख्य रूप से तकनीकी सुरक्षा को अभेद बनाने पर जोर देगी। आज के डिजिटल युग में बढ़ती साइबर चुनौतियों और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने वाले शिक्षा माफियाओं के तौर-तरीकों को ध्यान में रखते हुए यह टास्क फोर्स बहुआयामी रणनीति पर काम करेगी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि नीट (NEET) और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाएं पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक के मोर्चे पर पूरी तरह सुरक्षित रहें।
पूर्व IB चीफ तपन डेका जैसे दिग्गजों को शामिल कर सरकार ने दी पैनी धार
इस टास्क फोर्स में खुफिया और सुरक्षा तंत्र के जाने-माने चेहरों को शामिल किया गया है, जिसमें पूर्व आईबी (IB) प्रमुख तपन डेका जैसे दिग्गजों का नाम भी शामिल है। इसका साफ संदेश यह है कि सरकार अब केवल प्रशासनिक सुधारों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अपराधियों और परीक्षा माफियाओं की सोच से दो कदम आगे की रणनीति पर काम कर रही है। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि तकनीकी खामियों, ऑनलाइन सेंधमारी या इंटरनेट से जुड़ी किसी भी तकनीकी चूक का फायदा उठाकर कोई भी शख्स परीक्षा की गोपनीयता से खिलवाड़ न कर सके।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नवनियुक्त शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का कड़ा संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि व्यापक परीक्षा सुधारों के प्रति सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह टास्क फोर्स इस बात की गारंटी देगी कि भविष्य में कोई भी परीक्षा प्रणाली की पवित्रता से खिलवाड़ न कर पाए। पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ इतनी कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी कि कोई भी दोबारा ऐसा अपराध करने की हिम्मत न जुटा सके। इस बीच, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मैराथन बैठकें शुरू कर दी हैं और मंत्रालय के कामकाज की हर बारीक बात की समीक्षा कर रहे हैं ताकि व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी पर लाया जा सके।
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