Stock Market Alert: खुलते ही धड़ाम हो सकता है Shadowfax का यह शेयर, 1,640 करोड़ रुपये की ब्लॉक डील से मचेगी खलबली

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में एक बड़े और चौंकाने वाले सौदे की हलचल देखने को मिल सकती है। सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों से मिली खास जानकारी के मुताबिक, लॉजिस्टिक्स और टेक कंपनी ‘शैडोफैक्स’ (Shadowfax) में होने वाली ब्लॉक डील का साइज अचानक काफी बढ़ा दिया गया है। शुरुआती योजना के तहत कंपनी की 9.08 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की तैयारी थी, जिसे अब बढ़ाकर सीधे 14.20 प्रतिशत कर दिया गया है। इस विशालकाय ब्लॉक डील के जरिए बाजार में करीब 1,640 करोड़ रुपये के शेयरों की खरीद-बिक्री की संभावना है, जिसका सीधा असर आज इस शेयर की चाल पर पड़ सकता है।

भारी डिस्काउंट पर तय हुआ फ्लोर प्राइस, निवेशकों पर बन सकता है दबाव

इस ब्लॉक डील के लिए जो फ्लोर प्राइस तय किया गया है, वह निवेशकों के लिए एक बड़ा सरप्राइज है। सौदा 197 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर होना तय हुआ है, जो पिछले कारोबारी सत्र यानी गुरुवार को बीएसई पर शैडोफैक्स के 218.58 रुपये के बंद भाव से करीब 9.87 प्रतिशत यानी लगभग 21.58 रुपये प्रति शेयर सस्ता है। बाजार जानकारों का मानना है कि जब इतनी बड़ी मात्रा में शेयर बाजार के बंद भाव से करीब 10 प्रतिशत के डिस्काउंट पर उपलब्ध होंगे, तो आज बाजार खुलते ही इस शेयर की कीमतों पर दबाव देखने को मिल सकता है। अगर इस पूरी डील को देखें तो फ्लोर प्राइस के हिसाब से लगभग 8.3 करोड़ शेयरों का आदान-प्रदान हो सकता है।

फ्लिपकार्ट और पुराने निवेशक बेचेंगे हिस्सेदारी, कंपनी को नहीं मिलेगा एक भी रुपया

इस ब्लॉक डील को लेकर सबसे खास बात यह है कि यह एक ‘सेकेंडरी ट्रांजैक्शन’ है, यानी कंपनी यानी शैडोफैक्स इसमें नए शेयर जारी नहीं कर रही है। इसके बजाय, कंपनी के शुरुआती और पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। शुरुआती ब्रोकर दस्तावेजों के अनुसार, इस महा-डील में वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फ्लिपकार्ट इंटरनेट, एट रोड्स वेंचर्स और कोरियाई फंड आईएमएम इंडिया फंड अपने शेयर बेच सकते हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि इस सौदे से मिलने वाले करीब 1,640 करोड़ रुपये शैडोफैक्स के कॉरपोरेट खाते में नहीं जाएंगे, बल्कि यह रकम शेयर बेचने वाले पुराने निवेशकों की झोली में जाएगी। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक डील के बाद भी ये बड़े निवेशक कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बनाए रख सकते हैं।

आईपीओ प्राइस से अब भी काफी ऊपर है भाव, आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

भले ही आज डिस्काउंट के चलते शेयर पर दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अगर इसके आईपीओ प्राइस से तुलना करें तो तस्वीर अभी भी मजबूत नजर आती है। शैडोफैक्स के आईपीओ का ऊपरी प्राइस बैंड 124 रुपये प्रति शेयर था, जिसके मुकाबले 197 रुपये का फ्लोर प्राइस अब भी करीब 59 प्रतिशत फायदे में है। हालांकि, लिस्टिंग के दौरान यह शेयर थोड़ा फिसला था, लेकिन बाद में इसने शानदार वापसी की थी। आज के कारोबार में निवेशकों और ट्रेडर्स की मुख्य नजर इस बात पर होगी कि इस ब्लॉक डील के असली खरीदार कौन हैं, कितनी बड़ी मात्रा में शेयरों की डील फाइनल होती है और सौदे के बाद बड़े निवेशकों के पास कितनी हिस्सेदारी शेष बचती है।