‘दीपक की कचौड़ी खा लेते तो ठीक था, बर्गर खाया तो पार्टी से बाहर कर दिया’, CJP के पूर्व प्रवक्ता विजेता दहिया का बड़ा दावा

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता विजेता दहिया ने पार्टी से हटाए जाने के बाद पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने दावा किया कि संसद मार्च के दौरान एक बर्गर आउटलेट में खाना खाने का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। दहिया का कहना है कि उन्होंने पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत की, कई रातों तक ठीक से सोए बिना काम किया, लेकिन एक बर्गर खाने की वजह से उनकी पूरी मेहनत को नजरअंदाज कर दिया गया।

संसद मार्च के दौरान वायरल हुआ था वीडियो

20 जुलाई को दिल्ली में आयोजित CJP के संसद मार्च के दौरान विजेता दहिया एक बर्गर रेस्टोरेंट में खाना खाते हुए नजर आए थे। किसी ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया और इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

विवाद बढ़ने के बाद विजेता दहिया ने सफाई देते हुए कहा था कि लंबे समय से लगातार काम करने के कारण उन्हें तेज भूख लगी थी। इसी वजह से वे कुछ देर के लिए बर्गर खाने चले गए थे। उनका कहना था कि इसमें किसी तरह की अनुशासनहीनता या गलत मंशा नहीं थी।

‘कचौड़ी खाता तो शायद कोई सवाल नहीं उठता’

पार्टी से हटाए जाने के बाद विजेता दहिया ने तंज भरे अंदाज में कहा कि अगर वह किसी स्थानीय दुकान पर कचौड़ी खाते दिखाई देते तो शायद इतना विवाद नहीं होता। लेकिन बर्गर खाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया गया और आखिरकार पार्टी से निकाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के भोजन को मुद्दा बनाकर उसके पूरे योगदान को नजरअंदाज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका दावा है कि उन्होंने संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार मेहनत की और कई बार दो-दो रात बिना सोए काम किया।

‘दिन-रात मेहनत की, लेकिन एक वीडियो सब पर भारी पड़ गया’

विजेता दहिया ने कहा कि पार्टी के लिए उन्होंने पूरी निष्ठा से काम किया। लगातार अभियान, कार्यक्रम और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहने के बावजूद एक वायरल वीडियो के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। उनका कहना है कि उनकी वर्षों की मेहनत पर एक छोटी-सी घटना भारी पड़ गई।

सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

बर्गर विवाद के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस लगातार जारी है। कुछ लोग विजेता दहिया के समर्थन में नजर आए, जबकि कई यूजर्स ने पार्टी के फैसले का समर्थन भी किया। वायरल वीडियो के बाद यह मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया।