News India Live, Digital Desk : अगर आप भी तनाव कम करने या इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए धड़ल्ले से अश्वगंधा का सेवन कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अश्वगंधा की पत्तियों (Ashwagandha Leaves) के इस्तेमाल को लेकर कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अब आहार पूरक (Dietary Supplements) के तौर पर अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला आयुष मंत्रालय की सिफारिशों के बाद लिया गया है, जिसमें पत्तियों के संभावित दुष्प्रभावों को लेकर चेतावनी दी गई थी।
पत्तियों पर बैन क्यों? विशेषज्ञों ने जताई चिंता
आयुर्वेद में सदियों से अश्वगंधा का उपयोग होता रहा है, लेकिन पारंपरिक रूप से केवल इसकी ‘जड़’ (Root) को ही औषधि माना गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अश्वगंधा की पत्तियों में कुछ ऐसे एल्कलॉइड्स और तत्व होते हैं जो लिवर और शरीर के अन्य अंगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए पत्तियों को खाद्य उत्पादों या सप्लीमेंट में शामिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
टैबलेट और कैप्सूल का क्या होगा?
उपभोक्ताओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाजार में मिलने वाली अश्वगंधा टैबलेट और कैप्सूल सुरक्षित हैं या नहीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जो सप्लीमेंट अश्वगंधा की ‘जड़ के अर्क’ (Root Extract) से बने हैं, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। जड़ का उपयोग चिंता कम करने, नींद की गुणवत्ता सुधारने और शारीरिक शक्ति बढ़ाने के लिए प्रमाणित है। हालांकि, ग्राहकों को अब प्रोडक्ट लेबल को ध्यान से पढ़ना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसमें पत्तियों का अंश तो नहीं है।
लिवर और स्वास्थ्य पर पड़ सकता है बुरा असर
वैज्ञानिकों का तर्क है कि अश्वगंधा की पत्तियों का अनियंत्रित सेवन ‘हेपेटोटॉक्सिसिटी’ (Hepatotoxicity) यानी लिवर में जहर फैलने का कारण बन सकता है। कई अंतरराष्ट्रीय शोधों में भी यह बात सामने आई है कि जड़ के बजाय पत्तियों का अर्क स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसी को आधार बनाकर भारत सरकार ने यह सुरक्षात्मक कदम उठाया है ताकि बाजार में बिकने वाले सप्लीमेंट्स की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
सुरक्षित सेवन के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह
लेबल जरूर पढ़ें: सप्लीमेंट खरीदते समय देखें कि उस पर ‘Root Extract’ लिखा हो।
डॉक्टर की सलाह: बिना विशेषज्ञ के परामर्श के लंबे समय तक किसी भी जड़ी-बूटी का सेवन न करें।
शुद्धता की जांच: केवल भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त ब्रांड्स के ही उत्पाद खरीदें।
पत्तियों के पाउडर से बचें: घर में उगे अश्वगंधा की पत्तियों का काढ़ा या पाउडर बनाने से परहेज करें।
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