शेयर बाजार में हल्की सुस्ती: सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर बंद, लेकिन ऑटो शेयरों में छाई जोरदार तेजी

भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत और चाल में मिला-जुला रुख देखने को मिला है। ग्‍लोबल संकेतों और विदेशी बाजारों से मिल रहे दबाव के चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) में हल्की नरमी दर्ज की गई और दोनों ही इंडेक्स फिसलकर लाल निशान पर बंद हुए। हालांकि, इस सुस्त माहौल के बीच ऑटो सेक्टर (Auto Index) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को बड़ी राहत दी है और यह 1% से ज्यादा की मजबूती के साथ बंद हुआ है। आइए जानते हैं आज के बाजार के हाल और किन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल।

सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव, निवेशकों की सतर्क नजर

आज के कारोबारी सत्र में घरेलू इक्विटी सूचकांकों पर बिकवाली का थोड़ा दबाव बना रहा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 मामूली गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। बाजार जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के कारण निवेशक थोड़ा सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे मुख्य सूचकांकों में सीमित दायरे में कारोबार हो रहा है।

ऑटो सेक्टर में छाई बहार, शेयरों में जबरदस्त उछाल

एक तरफ जहां बाजार के दूसरे सेक्टर्स दबाव में नजर आए, वहीं निफ्टी ऑटो इंडेक्स (Nifty Auto Index) ने बाजार के तमाम अनुमानों को मात देते हुए 1% से ज्यादा की शानदार छलांग लगाई। वाहन निर्माताओं के शेयरों में लगातार खरीदारी देखने को मिल रही है। प्रमुख ऑटो कंपनियों जैसे बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हीरो मोटोकॉर्प और टीवीएस मोटर के शेयरों में अच्छी खासी बढ़त दर्ज की गई है। जानकारों का कहना है कि गाड़ियों की मजबूत मांग और त्योहारी सीजन से पहले की उम्मीदों के चलते ऑटो शेयरों में यह निवेशकों का भरोसा साफ झलक रहा है।

आगे के लिए निवेशकों की क्या होनी चाहिए रणनीति?

मौजूदा बाजार की चाल को देखते हुए वित्तीय विश्लेषकों का सुझाव है कि निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि चुनिंदा शेयरों में निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए। जहां एक ओर ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला रुख है, वहीं ऑटो जैसे मजबूत सेक्टर निवेशकों को अच्छा रिटर्न देने का दम दिखा रहे हैं। बाजार में किसी भी तरह के बड़े उतार-चढ़ाव से बचने के लिए पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाइड रखना और क्वालिटी शेयरों पर फोकस करना ही समझदारी होगी।