
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। नए वेतन आयोग के लागू होने से 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों व पेंशनर्स की बेसिक सैलरी, पेंशन और भत्तों का पूरा गणित बदलने वाला है। वेतन आयोग के गठन के साथ ही 5 मुख्य पैमानों पर बड़ा संशोधन देखने को मिल सकता है।
1. फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) में बढ़ोतरी
वेतन समीक्षा का सबसे अहम जरिया फिटमेंट फैक्टर होता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था। कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि 8वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.86 से 3.68 (या 5-मेंबर फैमिली फॉर्मूले के तहत और अधिक) किया जाए। इससे न्यूनतम बेसिक सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी।
2. न्यूनतम वेतन (Minimum Pay) में बड़ा उछाल
वर्तमान में 7th CPC के तहत न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 प्रति माह है। फिटमेंट फैक्टर में बदलाव और 5-सदस्यीय पारिवारिक मानक लागू होने पर न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹34,000 से लेकर ₹41,000 प्रति माह के पार पहुंच सकती है।
3. पेंशनधारकों के लिए पेंशन संशोधन और 0% DR रिसेट
पेंशनभोगियों की न्यूनतम पेंशन (जो अभी ₹9,000 है) बढ़कर लगभग ₹20,500 से ₹25,000 तक होने की उम्मीद है। इसके अलावा, नया पे-मैट्रिक्स लागू होते ही मौजूदा महंगाई राहत (DR) शून्य (0%) पर रिसेट हो जाएगी और नए बेसिक पेंशन के आधार पर नई दरें तय होंगी।
4. महंगाई भत्ता (DA) का बेसिक पे में विलय
जब भी महंगाई भत्ता 50% की सीमा पार करता है, तो इसे मूल वेतन में मर्ज करने की सिफारिशें की जाती हैं। 8th CPC के तहत संचित डीए को बेसिक पे में जोड़कर एक नया सैलरी स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिससे टेक-होम सैलरी सीधे बढ़ जाएगी।
5. एलाउंस (HRA & TA) और पे-मैट्रिक्स का पुनर्गठन
हाउस रेंट एलाउंस (HRA) और ट्रैवल एलाउंस (TA) जैसे प्रमुख भत्ते भी नए बेसिक पे के हिसाब से दोबारा रिवाइज होंगे। शहरों की कैटेगरी (X, Y, Z) के आधार पर HRA में बढ़ोतरी होगी, जिससे कर्मचारियों को महंगाई के दौर में बड़ी राहत मिलेगी।
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