पटना में सदाकत आश्रम के पास खूनी संघर्ष: बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच लाठी-डंडे और ईंट-पत्थरों से भीषण झड़प

बिहार की राजधानी पटना में राजनीति का पारा उस वक्त अचानक चरम पर पहुंच गया जब कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम के पास दो प्रमुख राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शन और नारेबाजी के दौरान स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि दोनों तरफ से जमकर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने लगे। इस हिंसक झड़प से सदाकत आश्रम और उसके आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। दिनदहाड़े सड़क पर हुए इस खूनी संघर्ष में कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं, जिससे शहर के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक महकमे में भारी हड़कंप मच गया है।

सदाकत आश्रम के पास कैसे भड़का विवाद और बिगड़े हालात

घटना की शुरुआत तब हुई जब राजनीतिक मुद्दों को लेकर एक पक्ष के कार्यकर्ता विरोध मार्च निकालते हुए उस मार्ग से गुजर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही पलों में सड़क रणक्षेत्र में तब्दील हो गई और दोनों तरफ से जमकर ईंट-पत्थर फेंके जाने लगे। अचानक हुए इस हमले से वहां से गुजर रहे आम नागरिकों और दुकानदारों में भी दहशत फैल गई। लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागकर शरण ली, जिससे यातायात भी पूरी तरह से बाधित हो गया।

पुलिस प्रशासन ने संभाला मोर्चा, भारी पुलिस बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस और भारी मात्रा में पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और लाठीचार्ज तथा सख्त चेतावनी देकर दोनों पक्षों के उग्र भीड़ को खदेड़ा। पुलिस ने मौके से कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है और हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर हिंसा फैलाने वाले उपद्रवियों की पहचान की जा रही है, जिन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रिया और सुरक्षा पर सवाल

इस सनसनीखेज झड़प के बाद बिहार की राजनीति में भूचाल आ गया है। दोनों ही दलों के बड़े नेताओं ने एक-दूसरे पर सुनियोजित तरीके से हमला करवाने और माहौल बिगाड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और राजधानी में भी इस तरह की हिंसा होना पुलिस प्रशासन की बड़ी विफलता है। फिलहाल सदाकत आश्रम और आसपास के संवेदनशील इलाकों में एहतियातन पुलिस का कड़ा पहरा बिठा दिया गया है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।