जब लोकसभा में ओम बिड़ला से भिड़ गए अखिलेश यादव, तो पीछे खड़े सपा Avengers का रिएक्शन देखने लायक

भारतीय संसद की कार्यवाही अक्सर अपने तीखे तेवर, राजनीतिक गहमागहमी और दिलचस्प बयानों के लिए जानी जाती है। संसद के सदन के भीतर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच होने वाली नोकझोंक कोई नई बात नहीं है, लेकिन कई बार ऐसे पल सामने आ जाते हैं जो सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन जाते हैं। हाल ही में लोकसभा के भीतर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला जब समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के बीच तीखी बहस छिड़ गई। इस दौरान सदन का माहौल पूरी तरह गरमा गया और सबकी निगाहें इस दिलचस्प वाकये पर टिक गईं।

सदन में जब आमने-सामने आए अध्यक्ष और अखिलेश यादव

संसद की कार्यवाही के दौरान जब विभिन्न मुद्दों पर चर्चा चल रही थी, तो माहौल अचानक काफी गंभीर हो गया। इसी बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव अपनी बात रखने के लिए उठे। उनके तेवर और तर्कों ने सदन का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इसी दौरान किसी बात पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला और अखिलेश यादव के बीच तीखी तकरार देखने को मिली। अध्यक्ष के कड़े तेवरों और अखिलेश यादव के जवाब देने के अंदाज ने सदन में कुछ पलों के लिए भारी सन्नाटा और तनाव पैदा कर दिया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सदन के भीतर विपक्ष की आक्रामक रणनीति का हिस्सा होती हैं।

पीछे खड़े सपा ‘अवेंजर्स’ का ऐसा था रिएक्शन

इस पूरी बहस के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना अखिलेश यादव के ठीक पीछे खड़े समाजवादी पार्टी के सांसदों का अंदाज। सोशल मीडिया पर इन सांसदों की तुलना मार्वल की मशहूर फिल्म सीरीज ‘अवेंजर्स’ से की जाने लगी और इन्हें प्यार से ‘सपा अवेंजर्स’ कहा जाने लगा। जब अध्यक्ष और अखिलेश यादव के बीच नोंकझोंक चल रही थी, तब पीछे खड़े सपा सांसद बेहद चौकन्ने, गंभीर और अपने नेता के समर्थन में चट्टान की तरह खड़े नजर आए। उनके हाव-भाव और एकजुटता को देखकर ऐसा लग रहा था कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनका यह आक्रामक और अनुशासित रुख सदन में आकर्षण का मुख्य केंद्र बन गया।

राजनीतिक हलकों में क्यों हो रही है इस वाकये की चर्चा

संसद के भीतर नेताओं के तेवर हमेशा से जनता और मीडिया के बीच उत्सुकता का विषय रहे हैं। अखिलेश यादव और लोकसभा अध्यक्ष के बीच हुई इस गर्मागर्म बहस ने एक बार फिर संसद की कार्यप्रणाली और राजनीतिक दलों की रणनीतियों पर बहस छेड़ दी है। एक तरफ जहां सत्ता पक्ष इसे नियमों के दायरे में रहने की नसीहत मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे सदन में मजबूती से अपनी बात रखने के रूप में देख रहे हैं। इंटरनेट पर इस घटना के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग इस पूरे सियासी ड्रामे पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।