
भारत के जाने-माने यकृत (लीवर) विशेषज्ञ और आईएलबीएस (ILBS) के निदेशक डॉ. एस.के. सरीन की ओपीडी में प्रतिदिन दर्जनों मरीज अपनी लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज कराने पहुंचते हैं। हाल ही में उनकी ओपीडी में एक बेहद दिलचस्प और मजेदार वाकया सामने आया, जिसने न केवल वहां मौजूद सभी लोगों को हंसाया, बल्कि अल्कोहलिक फैटी लीवर की कड़वी सच्चाई भी उजागर कर दी। एक मरीज, जो खुद को केवल ‘सामाजिक रूप से कभी-कभार शराब पीने वाला’ (Social Drinker) बता रहा था, जब उसकी लीवर जांच और फाइब्रोस्कैन की रिपोर्ट आई तो डॉक्टर भी हैरान रह गए। हंसी-मजाक के बीच डॉक्टर द्वारा पूछे गए कुछ सीधे सवालों में मरीज की यह पोल खुल गई कि उसकी ‘कभी-कभार’ की आदत वास्तव में प्रतिदिन की भारी खुराक में बदल चुकी थी।
अल्कोहलिक फैटी लीवर क्या है और यह दबे पांव कैसे बनाता है शिकार?
डॉक्टरों के मुताबिक, जब कोई व्यक्ति नियमित रूप से या अधिक मात्रा में शराब (Alcohol) का सेवन करता है, तो लीवर शराब को मेटाबोलाइज करने में अपनी पूरी ताकत लगा देता है। इस प्रक्रिया के दौरान लीवर की कोशिकाओं में वसा यानी फैट जमा होने लगता है, जिसे ‘अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज’ (AFLD) कहा जाता है। इस बीमारी का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि शुरुआती चरणों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण महसूस नहीं होते। मरीज खुद को बिल्कुल स्वस्थ समझता रहता है, जबकि अंदर ही अंदर उसकी लीवर सेल्स (Liver Cells) तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही होती हैं।
फैटी लीवर से लीवर सिरोसिस तक का जानलेवा सफर
हेल्थ एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि यदि फैटी लीवर की स्थिति में ही शराब का सेवन बंद नहीं किया गया, तो यह स्थिति आगे चलकर ‘अल्कोहलिक हेपेटाइटिस’ (Alcoholic Hepatitis) का रूप ले लेती है, जिसमें लीवर में भयंकर सूजन आ जाती है। इसके बाद अंतिम और सबसे खतरनाक चरण ‘लीवर सिरोसिस’ (Liver Cirrhosis) का होता है, जहां लीवर का स्वस्थ ऊतक पूरी तरह स्कार टिश्यू (घाव) में बदल जाता है और लीवर काम करना बंद कर देता है। भूख न लगना, पेट के दाहिने हिस्से में ऊपरी तरफ हल्का दर्द, अत्यधिक थकान, आंखें पीली होना और वजन घटना इसके मुख्य चेतावनी संकेत हैं।
लीवर को री-जनरेट करने की अद्भुत क्षमता: जानिए कैसे करें बचाव
इस पूरी कहानी का सबसे उम्मीद जगाने वाला पहलू यह है कि हमारे शरीर में केवल लीवर ही एक ऐसा अंग है, जिसके पास खुद को दोबारा ठीक यानी ‘री-जनरेट’ (Re-generate) करने की अद्भुत क्षमता होती है। यदि फैटी लीवर के शुरुआती चरण में ही शराब का सेवन पूरी तरह से बंद कर दिया जाए, तो लीवर कुछ ही हफ्तों में फिर से बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ हो सकता है। इसके साथ ही हरी सब्जियां, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार, नियमित एक्सरसाइज और वजन को नियंत्रित रखकर लीवर को लंबे समय तक सुरक्षित और सेहतमंद रखा जा सकता है।
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