
हिंदू धर्म में सावन (Shravan Month) का महीना बेहद पवित्र और चमत्कारी माना जाता है। यह हिंदी पंचांग का पांचवां महीना है, जो पूरी तरह से देवों के देव महादेव की भक्ति, साधना और आराधना को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से भोलेनाथ अपने भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं और उनकी झोली खुशियों से भर देते हैं।
द्रिक पंचांग (Drik Panchang) के अनुसार, इस साल सावन का पावन महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू हो रहा है, जिसका समापन 30 अगस्त 2026 को सावन पूर्णिमा और रक्षाबंधन के साथ होगा।
शास्त्रों में सावन के दौरान शिवलिंग पर कुछ विशेष सामग्रियां और फूल अर्पित करने का विधान है। इन्हीं में से एक है अपराजिता का फूल (Aparajita Flower)। नीले रंग का यह खूबसूरत फूल महादेव को अत्यंत प्रिय है। मान्यता है कि सावन में अपराजिता के फूल से जुड़े कुछ खास उपाय करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में:
सावन में अपराजिता के फूल के 3 चमत्कारी उपाय (Sawan Aparajita Totke)
1. धन लाभ और सकारात्मकता के लिए (सोमवार का विशेष उपाय)
सावन के प्रत्येक सोमवार को सुबह स्नान आदि करने के बाद किसी भी शिव मंदिर (शिवालय) जाएं। वहां शिवलिंग पर अपराजिता के 5 फूल श्रद्धापूर्वक अर्पित करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय को करने से भगवान शिव की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और अचानक से धन लाभ (Financial Gain) के नए योग बनने शुरू हो जाते हैं।
2. तिजोरी को हमेशा भरा रखने के लिए (आर्थिक तंगी से मुक्ति)
सावन के महीने में किसी भी दिन सुबह के समय शिवालय जाएं। भोलेनाथ की पूजा करें और शिवलिंग पर अपराजिता का एक ताजा फूल चढ़ाएं। इसके बाद, शिवलिंग पर पहले से चढ़ा हुआ कोई दूसरा अपराजिता का फूल (आशीर्वाद स्वरूप) अपने साथ घर ले आएं।
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क्या करें: इस फूल को घर के स्वच्छ स्थान पर सुखा लें। पूरी तरह सूख जाने के बाद इसे एक लाल कपड़े में बांधकर अपनी तिजोरी, अलमारी या पैसे रखने वाले स्थान पर रख दें। माना जाता है कि यह उपाय धन को आकर्षित करता है, जिससे घर में बरकत बनी रहती है।
3. सुख-समृद्धि और वैभव के लिए (विशेष पंचामृत अभिषेक)
सावन में रोजाना या सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल अर्पित करने की लोटे में एक विशेष विधि अपनाएं। तांबे या पीतल के लोटे में जल भरें और उसमें अपराजिता के फूल डाल दें। इसके साथ ही जल में थोड़ा सा कच्चा दूध, दही, शहद और अक्षत (बिना टूटे हुए चावल के दाने) मिला लें। अब इस पवित्र जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
क्यों इतना खास है अपराजिता का फूल?
शास्त्रों के अनुसार, अपराजिता के फूल का धार्मिक दृष्टिकोण से अति उच्च स्थान है। ‘अपराजिता’ का अर्थ ही है जिसे कोई पराजित न कर सके। यह फूल वैसे तो सभी देवी-देवताओं को प्रिय है, लेकिन नीले रंग का होने के कारण यह नीलकंठ यानी भगवान शिव को बेहद प्रिय है। सावन के दुर्लभ संयोग में इस फूल के जरिए की गई पूजा का फल कई गुना अधिक होकर मिलता है।
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