बारुईपुर मॉब लिंचिंग और नाबालिग हत्याकांड में CPIM नेता लाहेक खान गिरफ्तार, CM शुभेंदु अधिकारी का सख्त संदेश

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले बारुईपुर शहर में उपजे गंभीर कानून-व्यवस्था के संकट के बाद राज्य प्रशासन ने एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई की है। सूर्यपुर इलाके में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म और बेरहम हत्याकांड के बाद भड़की हिंसक प्रतिक्रिया और मॉब लिंचिंग (भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या) के मामले में पुलिस ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कद्दावर नेता लहेक अली (लाहेक खान) को गिरफ्तार कर लिया है। लहेक अली इस साल की शुरुआत में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बारुईपुर पश्चिम सीट से वामपंथी गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार रह चुके हैं।

सूर्यपुर हाट में भड़का था आक्रोश: नाबालिग की मौत के बाद उग्र भीड़ ने युवक को उतारा था मौत के घाट

इस पूरे विवाद की शुरुआत 4 जुलाई को हुई थी, जब एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की अचानक लापता हो गई थी। अगले दिन यानी 5 जुलाई को सूर्यपुर हाट इलाके के एक स्थानीय तालाब से उस बच्ची का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया। पीड़िता के परिजनों ने आरोप लगाया कि बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी निर्मम हत्या की गई है। इस घटना से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और प्रदर्शनकारियों ने उग्र रूप धारण कर लिया और गंभीर रेल रोको आंदोलन के साथ सड़कों पर टायर जलाकर यातायात ठप कर दिया। इसी अराजकता के बीच उग्र भीड़ ने अपराध में संलिप्त होने के संदेह में इंद्रजीत मंडल नामक एक युवक की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस का दावा है कि पूर्व चुनावी प्रत्याशी लहेक अली ने ही भीड़ को इस भयानक हिंसा के लिए उकसाया था।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने की पीड़ितों से मुलाकात: न्याय और सरकारी सहायता का दिया भरोसा

शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्वयं बारुईपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां पहुंचकर सामूहिक दुष्कर्म की शिकार हुई मृत बच्ची के शोक संतप्त परिवार और उसके बाद मॉब लिंचिंग का शिकार हुए इंद्रजीत मंडल के परिजनों से आमने-सामने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दोनों ही पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए राज्य सरकार की तरफ से हरसंभव वित्तीय व सामाजिक सहायता प्रदान करने का आधिकारिक भरोसा दिया। पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, “हम उस निर्दोष युवक को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन हमारी सरकार ने उसके परिवार की पूरी जिम्मेदारी ली है। उसके हत्यारों को कानून के दायरे में लाकर सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाएगी।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पराजित राजनीतिक तत्वों ने अपनी खोई हुई जमीन तलाशने के लिए इस सांप्रदायिक व सामाजिक हिंसा को प्रायोजित किया था।

भारत-बांग्लादेश सीमा से दबोचे गए मुख्य आरोपी: महज 4 दिन में तैयार हुई नई पुलिस चौकी

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य की खुफिया और खोजी पुलिस ने त्वरित तकनीकी जाल बिछाया। वीडियो फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटना में शामिल सभी मुख्य संदिग्धों को बक्खाली, दीघा और भारत-बांग्लादेश सीमा के पास स्थित बशीरहाट से दबोच लिया, जहां से वे सीमा पार भागने की फिराक में थे। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्थानीय जनता और पीड़िता के परिवार की सुरक्षा संबंधी मांग को स्वीकार करते हुए सूर्यपुर में एक आधुनिक पुलिस चौकी का उद्घाटन भी किया। इस पुलिस चौकी को शासन के विशेष आदेश पर रिकॉर्ड महज चार दिनों के भीतर निर्मित और सक्रिय किया गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की हिंसक पुनरावृत्ति को रोका जा सके।