जम्मू-कश्मीर में सियासी भूचाल! सीएम उमर अब्दुल्ला का बड़ा दावा- ‘BJP ने NC विधायक को दिया 20-30 करोड़ और मंत्री पद का लालच’

Jammu Kashmir Politics:  जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) का बेहद गंभीर आरोप लगाया है. शनिवार (11 जुलाई 2026) को एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने दावा किया कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के एक विधायक को पाला बदलने के लिए 20 से 30 करोड़ रुपये और कैबिनेट मंत्री पद का तगड़ा लालच दिया था.

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके विधायक ने इस बड़े ऑफर को तुरंत ठुकरा दिया और पूरी घटना की जानकारी सीधे उन्हें दी. इस खुलासे के बाद घाटी से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ गया है.

‘सुप्रीम कोर्ट के वकील और बीजेपी नेता ने बंद कमरे में दिया ऑफर’

उमर अब्दुल्ला ने बिना नाम लिए भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “भाजपा के एक अधिकारी, जो सुप्रीम कोर्ट के वकील भी हैं, उन्होंने जम्मू क्षेत्र से आने वाले मेरे एक विधायक से बंद कमरे में मुलाकात की. उन्होंने विधायक से कहा कि तुम हमारे साथ आ जाओ, हम तुम्हें 20-30 करोड़ रुपये, एक मंत्रालय और राज्य का दर्जा देंगे.”

इस पर तीखा पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या भाजपा को लगता है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं का ईमान और जनता का विश्वास इतना सस्ता है कि उसे पैसों से खरीदा जा सके?

‘पिछले दरवाजे से सत्ता में आने की कोशिश कर रही है BJP’

उमर अब्दुल्ला ने भाजपा को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि वे नेशनल कॉन्फ्रेंस को कमजोर आंकने की भूल कतई न करें. उन्होंने कहा, “भाजपा के लोगों, हमें इतना कमजोर मत समझो. आपके लिए पिछले दरवाजे (चोर दरवाजे) से सत्ता में एंट्री करना मुमकिन नहीं है. आप पिछले दरवाजे से आगे की कुर्सी (मुख्यमंत्री की कुर्सी) तक नहीं पहुंच पाएंगे. फिलहाल जम्मू-कश्मीर की जनता ने आपको विपक्ष में यानी पीछे बैठाया है और आप वहीं रहेंगे.”

अनुमति न मिलने पर भी 20 जुलाई को दिल्ली में होगा महा-प्रदर्शन

जम्मू-कश्मीर को फिर से पूर्ण राज्य (Full Statehood) का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर नेशनल कॉन्फ्रेंस आगामी 20 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने जा रही है. मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस द्वारा इस प्रदर्शन की अनुमति अभी तक नहीं दी गई है.

उमर अब्दुल्ला का संकल्प: अनुमति मिले या न मिले, हमारा 20 जुलाई का कार्यक्रम तय है और यह आगे बढ़ेगा. यह लड़ाई केवल नेशनल कॉन्फ्रेंस की नहीं है, बल्कि जम्मू-कश्मीर के हर नागरिक और हर राजनीतिक दल की है.

उन्होंने घाटी के सभी वर्तमान व पूर्व विधायकों और सभी विपक्षी दलों के नेताओं से अपील की कि वे अगले तीन साल के लिए चुनावी रंजिशों और लड़ाइयों को भूल जाएं और जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की इस साझा लड़ाई में एकजुट होकर दिल्ली आएं. उन्होंने कहा कि जो नेता डर या दबाव के कारण इस प्रदर्शन से दूर रहेंगे, वे जनता के साथ विश्वासघात करेंगे.

‘कॉकरोच पार्टी’ को 24 घंटे में मिली इजाजत, हमें क्यों नहीं?

दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर आ रही दिक्कतों पर तंज कसते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, “एक ‘कॉकरोच पार्टी’ को दिल्ली में प्रदर्शन करने की अनुमति मिलने में 24 घंटे भी नहीं लगे, जबकि हम पिछले 4-5 दिनों से अनुमति की कोशिश कर रहे हैं. कुछ ताकतें जानबूझकर हमारे इस बड़े कार्यक्रम को बिगाड़ने की साजिश रच रही हैं और उन्होंने जानबूझकर अपनी तारीखें हमारे कार्यक्रम के साथ मिला दी हैं.”

आर्टिकल 370 हटने के बाद से जारी है राज्य के दर्जे की मांग

गौरतलब है कि अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 (Article 370) को निरस्त कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में विभाजित कर दिया था. इसके बाद साल 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने भी केंद्र के इस फैसले को संवैधानिक रूप से बरकरार रखा था. हालांकि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में भरोसा दिया था कि घाटी में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा पूर्ण राज्य का दर्जा लौटा दिया जाएगा. नेशनल कॉन्फ्रेंस इसी वादे को पूरा कराने के लिए अब दिल्ली में हुंकार भरने की तैयारी में है.