
पश्चिम बंगाल की राजनीति और लोक कल्याणकारी योजनाओं के मोर्चे पर एक बहुत बड़ा प्रशासनिक उलटफेर देखने को मिला है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को मुर्शिदाबाद जिले के रेजिनगर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य सुरक्षा कवच की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के इस नए गेम चेंजर प्लान के तहत, राज्य के जो भी नागरिक केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आयुष्मान भारत योजना’ (Ayushman Bharat Yojana) के पात्रता मानदंडों में शामिल नहीं हो पाएंगे, उन्हें राज्य सरकार अपनी विशेष ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना’ के अंतर्गत प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का पूर्ण कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री के इस बड़े कदम को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के लोकतंत्रीकरण और चुनावी मोर्चे पर एक रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।
साढ़े छह करोड़ लोगों को आयुष्मान का लाभ: छूटे हुए लोगों के लिए बनेगा नया राज्य सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनसभा में उपस्थित जनसैलाब को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि इस समय पूरे पश्चिम बंगाल में आयुष्मान भारत योजना के लिए पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया युद्ध स्तर पर चल रही है। राज्य सरकार के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, बंगाल के करीब 6.5 करोड़ नागरिकों को सीधे तौर पर इस केंद्रीय योजना के दायरे में लाकर मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि तकनीकी कारणों या पात्रता नियमों की वजह से जिन परिवारों का नाम केंद्र की सूची में नहीं आ पाएगा, उन्हें किसी भी तरह से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार अपनी निधि से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के जरिए उन सभी छूटे हुए परिवारों का ₹5 लाख का बीमा सुनिश्चित करेगी ताकि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न रहे।
पोर्टेबिलिटी की ऐतिहासिक सुविधा: अब बंगाल के बाहर भी वैध होगा राज्य का स्वास्थ्य कार्ड
इस नई स्वास्थ्य नीति की सबसे अनूठी और महत्वपूर्ण विशेषता इसकी भौगोलिक पोर्टेबिलिटी (Portability) है। मुख्यमंत्री ने मंच से यह बड़ी घोषणा की कि राज्य का स्वास्थ्य मंत्रालय इस योजना के लिए एक विशेष अंतर-राज्यीय ढांचा (Inter-State Framework) तैयार कर रहा है। इसके तहत, यदि पश्चिम बंगाल का कोई नागरिक रोजगार, यात्रा या किसी अन्य कारण से देश के दूसरे राज्यों में जाता है और वहां अचानक बीमार पड़ता है, तो वह वहां के सूचीबद्ध अस्पतालों में भी इस मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के जरिए अपना ₹5 लाख तक का मुफ्त इलाज करा सकेगा। इस पोर्टेबिलिटी सुविधा से विशेष रूप से उन लाखों प्रवासी श्रमिकों (Migrant Workers) को बहुत बड़ी राहत मिलेगी जो काम के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई या दक्षिण भारत के राज्यों में निवास करते हैं।
रेजिनगर उपचुनाव का शंखनाद: ‘फलता मॉडल’ की तर्ज पर विकास और 209 विधायकों का महा-लक्ष्य
स्वास्थ्य घोषणाओं के साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मुस्लिम बहुल रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र से आगामी उपचुनावों का बिगुल भी फूंक दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या को 209 के जादुई आंकड़े तक पहुंचाने का एक बड़ा सांगठनिक लक्ष्य रखा। मुख्यमंत्री ने नंदीग्राम की ऐतिहासिक जीत का जिक्र करते हुए कहा कि रेजिनगर का परिणाम राज्य की भावी राजनीति के लिए निर्णायक साबित होने वाला है। उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि जिस तरह दक्षिण 24 परगना जिले के ‘फलता विधानसभा क्षेत्र’ के लोगों ने विकास पैकेज पर भरोसा करके भाजपा को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी, ठीक उसी तर्ज पर रेजिनगर की जनता भी राष्ट्रहित और क्षेत्रीय विकास के लिए भाजपा का समर्थन करे।
प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी और रोजगार का वादा: क्षेत्र में बनेंगे दो नए बड़े पुल
मुर्शिदाबाद के आर्थिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री ने रेजिनगर की जनता से कई बड़े विकासपरक वादे किए। उन्होंने घोषणा की कि यदि क्षेत्र में भाजपा की जीत होती है, तो यातायात और व्यापार को सुगम बनाने के लिए दो नए अत्याधुनिक पुलों (Bridges) का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही, क्षेत्र के सभी पात्र और जरूरतमंद परिवारों को शत-प्रतिशत ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (PMAY) के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। पलायन की गंभीर समस्या पर बोलते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता दूसरे राज्यों में काम कर रहे स्थानीय प्रवासी श्रमिकों को वापस लाकर उनके गृह जिले में ही कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्रदान करना है, ताकि उन्हें अपने परिवार से दूर न जाना पड़े।
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