‘क्रिकेट के मक्का’ में मंधाना का महा-धमाका! लॉर्ड्स में विमेंस टेस्ट इतिहास की पहली फिफ्टी जड़ स्मृति ने रचा कीर्तिमान

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ओपनर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना ने इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र ऐतिहासिक टेस्ट मैच में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया है, जो विमेंस क्रिकेट के इतिहास में हमेशा के लिए अमर हो गया है। ‘क्रिकेट का मक्का’ कहे जाने वाले लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स (Lord’s) क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे इस मुकाबले में मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक अभूतपूर्व विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया। 149 साल के लंबे टेस्ट क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका है जब लॉर्ड्स का मैदान किसी महिला टेस्ट मैच की मेजबानी कर रहा है, और इस पल को मंधाना ने अपनी ऐतिहासिक पारी से हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया।

मंधाना बनीं लॉर्ड्स में टेस्ट फिफ्टी जड़ने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर

इस ऐतिहासिक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को स्मृति मंधाना ने धुआंधार शुरुआत दी। मंधाना लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में अर्धशतक (Fasting Fifty) लगाने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं। हालांकि, वह अपने इस ऐतिहासिक अर्धशतक को एक यादगार शतक में बदलने से चूक गईं और 83 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गईं। अपनी इस जांबाज पारी के दौरान मंधाना ने केवल 108 गेंदों का सामना किया, जिसमें उन्होंने 11 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़कर इंग्लिश गेंदबाजों की लाइन-लेंथ बिगाड़ दी।

कप्तान हरमनप्रीत कौर और ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा की शानदार हाफ-सेंचुरी

स्मृति मंधाना द्वारा रखी गई मजबूत नींव के बाद भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने भी इंग्लिश कंडीशंस में बेहतरीन बल्लेबाजी का मुजाहिरा पेश किया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौकों की मदद से 58 रनों की कप्तानी पारी खेली। वहीं, शानदार फॉर्म में चल रही दीप्ति शर्मा ने भी 87 गेंदों पर 57 रन बनाए। इन दोनों ही बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को संभाला, लेकिन क्रीज पर पूरी तरह सेट होने के बाद ये दोनों भी अपनी फिफ्टी को बड़ी शतकीय पारी में तब्दील करने में नाकाम रहीं।

भारतीय पारी 285 रनों पर सिमटी: निचले क्रम का निराशाजनक सरेंडर

इन तीन शीर्ष बल्लेबाजों के अर्धशतकों के दम पर भारतीय महिला टीम अपनी पहली पारी में 285 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में सफल रही। एक समय मजबूत स्थिति में दिख रही भारतीय टीम का निचला क्रम इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने ताश के पत्तों की तरह ढह गया। टीम के अंतिम 5 बल्लेबाज मिलकर स्कोरबोर्ड में केवल 26 रन ही जोड़ सके, जिसके कारण भारतीय टीम पहले ही दिन ऑलआउट हो गई और इंग्लैंड को दिन का खेल खत्म होने से ठीक पहले बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरना पड़ा।

पहले ही दिन इंग्लैंड को लगा बड़ा झटका: क्रांति गौड़ ने दिलाई भारत को पहली सफलता

पहली पारी में 285 रन के जवाब में उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने धारदार गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की स्टार सलामी बल्लेबाज टैमी ब्यूमोंट को महज 2 रन के स्कोर पर एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। पहले दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड ने 11 ओवरों में 1 विकेट के नुकसान पर 21 रन बना लिए हैं। इस समय माइया बौशियर और कप्तान हेथर नाइट क्रीज पर टिकी हुई हैं। भारतीय टीम के पास अभी भी पहली पारी के आधार पर 264 रनों की विशाल और मजबूत बढ़त मौजूद है।