1 जुलाई को वैष्णव योगिनी एकादशी का महासंयोग, 3 शुभ योगों के साथ जानें राहुकाल और पारण का सटीक समय

हिंदू सनातन पंचांग के अनुसार आज यानी शनिवार, 11 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ संयोगों से भरा हुआ है। आज आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि रात्रि 02:05 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ होगा। आज के दिन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वैष्णव परंपरा (संन्यासी और विष्णु मंदिरों) के अनुयायी आज महापुण्यदायी ‘गौण योगिनी एकादशी’ का उपवास रख रहे हैं। इसके साथ ही आज के पंचांग में सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और त्रिपुष्कर योग का एक अनोखा त्रिवेणी महासंयोग बन रहा है, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत और देव आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

तिथि भेद और व्रत पारण का नियम: स्मार्त और वैष्णव परंपरा का पूरा गणित समझें

इस वर्ष योगिनी एकादशी की सही तारीख को लेकर देश भर के श्रद्धालुओं के बीच जो भ्रम बना हुआ था, उसकी मुख्य वजह स्मार्त और वैष्णव मतों के पंचांगीय नियम हैं। गृहस्थों (स्मार्त परंपरा) ने उदयकालीन तिथि के नियमों के तहत कल यानी 10 जुलाई को ही एकादशी का व्रत सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया है। ऐसे में 10 जुलाई को व्रत रखने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आज, 11 जुलाई को द्वादशी तिथि के दौरान व्रत का पारण (Fasting Breaking Time) करना शास्त्र सम्मत है। आज पारण करने का सबसे शुभ और सटीक समय सुबह 05:21 बजे से लेकर सुबह 09:59 बजे तक रहेगा। दूसरी ओर, जो वैष्णव भक्त आज 11 जुलाई को एकादशी व्रत का संकल्प ले रहे हैं, वे अगले दिन यानी रविवार, 12 जुलाई को सुबह 05:22 बजे से 08:09 बजे के बीच अपने व्रत का पारण करेंगे।

ग्रह-नक्षत्रों का गोचर: कृतिका के बाद रोहिणी नक्षत्र और वृष राशि में चंद्रमा का संचरण

11 जुलाई 2026 के पंचांगीय आंकड़ों पर नजर डालें तो सौर गणना के अनुसार आज शक संवत् 20 आषाढ़ 1948 और विक्रमी संवत् 2083 चल रहा है। आज सूर्य देव उत्तरायण की स्थिति में रहेंगे। नक्षत्रों की बात करें तो आज प्रातः 11:04 मिनट तक कृतिका नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद बेहद शुभ और मनमोहक रोहिणी नक्षत्र का प्रवेश होगा। आज रात्रि 12:06 मिनट तक गण्ड योग रहेगा, तत्पश्चात वृद्धि योग की शुरुआत होगी। ग्रहों के राजा सूर्य देव इस समय मिथुन राशि में विराजमान हैं, जबकि मन के कारक चंद्रमा दिन-रात वृष राशि में संचरण करेंगे, जिससे मानसिक शांति और बौद्धिक कार्यों में सफलता के योग बनेंगे।

आज के सर्वोत्तम शुभ मुहूर्त: सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग की समयावधि

आज शनिवार को तीन बड़े शुभ योग एक साथ सक्रिय हो रहे हैं, जो निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत फलदायी हैं:

  • त्रिपुष्कर योग: सुबह 05:59 बजे से सुबह 07:33 बजे तक।

  • सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 07:33 बजे से अगले दिन (12 जुलाई) सुबह 04:59 बजे तक।

  • अमृत सिद्धि योग: सुबह 07:33 बजे से अगले दिन (12 जुलाई) सुबह 04:59 बजे तक।

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 01:24 बजे से दोपहर 02:28 बजे तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त)।

  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:54 बजे से प्रातः 05:27 बजे तक।

  • गोधूलि मुहूर्त: रात्रि 09:51 बजे से रात्रि 10:07 बजे तक।

भूलकर भी न करें इन समयों में शुभ कार्य: राहुकाल और यमगण्ड की सटीक टाइमिंग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर दिन कुछ समय ऐसा होता है जिसमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक रहता है, इसलिए इन अवधियों में किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य या यात्रा की शुरुआत करने से बचना चाहिए:

  • राहुकाल: प्रातः 09:57 बजे से दोपहर 11:57 बजे तक (इस समय में नया काम न शुरू करें)।

  • यमगण्ड: दोपहर 03:55 बजे से शाम 05:54 बजे तक।

  • गुलिक काल: सुबह 05:59 बजे से सुबह 07:58 बजे तक।

  • वर्ज्य काल: रात्रि 09:50 बजे से रात्रि 11:16 बजे तक।