8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग की बैठकों के बीच केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में 70% तक उछाल की उम्मीद; जानें यूनियनों के बड़े प्रस्ताव

देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से देश भर में चर्चा का विषय बने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल अचानक बहुत तेज हो गई है। कर्मचारी संगठनों, विभिन्न यूनियनों और आयोग के सदस्यों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिसके बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और भत्तों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की उम्मीदें काफी प्रबल हो गई हैं।

वर्तमान में हर केंद्रीय कर्मचारी के मन में बस यही एक उत्सुकता और सवाल है कि इस बार उनके वेतन में कितना उछाल आएगा? हालांकि, इस पर केंद्र सरकार की आधिकारिक और अंतिम घोषणा होना अभी बाकी है, लेकिन कर्मचारी संगठनों द्वारा सरकार को सौंपे गए नए प्रस्तावों ने बाजार में खलबली मचा दी है।

फिटमेंट फैक्टर के साथ इन 3 बड़े भत्तों का भी मिलेगा बंपर लाभ

जानकारों और वित्तीय विशेषज्ञों की मानें तो नए वेतनमान में कर्मचारियों की कुल इन-हैंड सैलरी में केवल फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की ही बढ़ोतरी नहीं होगी, बल्कि तीन अन्य महत्वपूर्ण भत्ते भी बड़ी भूमिका निभाएंगे:

  1. महंगाई भत्ता (DA): यूनियनों की सबसे प्रमुख मांग है कि नया वेतनमान (Pay Scale) लागू करने से ठीक पहले मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी (मूल वेतन) में पूरी तरह मर्ज (जोड़ा) कर दिया जाए।

  2. हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में संशोधन: बढ़ते शहरीकरण और महंगे किरायों को देखते हुए HRA की मौजूदा दरों (30%, 20% और 10%) को बढ़ाकर क्रमशः 36%, 24% और 12% करने का कड़ा प्रस्ताव रखा गया है।

  3. ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA): पेट्रोल-डीजल की कीमतों और परिवहन खर्चों को देखते हुए यात्रा भत्ते में भी सम्मानजनक वृद्धि की मांग की गई है।

70 फीसदी से ज्यादा का उछाल: कर्मचारी संगठनों का दावा है कि यदि सरकार उनके द्वारा प्रस्तुत इन सभी तार्किक मांगों को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों की कुल ग्रॉस सैलरी में 70 प्रतिशत से भी ज्यादा की भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

लेवल-1 कर्मचारियों की सैलरी का नया गणित: ₹37,080 से सीधे ₹63,500?

ऑल इंडिया नेशनल पब्लिक सेक्टर एम्प्लॉइज फेडरेशन (AINPSEF) और अन्य प्रमुख यूनियनों ने आयोग के सामने जो सैलरी स्ट्रक्चर का खाका पेश किया है, वह निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है।

नोट: यहाँ यह स्पष्ट करना अत्यंत आवश्यक है कि यह वर्तमान में केवल कर्मचारी यूनियनों द्वारा दिया गया एक आधिकारिक सुझाव है। अंतिम निर्णय और वास्तविक सैलरी टेबल 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही तय होगी।

बैठकों का दौर जारी: भुवनेश्वर के बाद आज कोलकाता में महा-मंथन

8वां वेतन आयोग देशभर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कर्मचारी संगठनों से सीधे संवाद स्थापित कर रहा है और उनके जमीनी सुझावों को अपनी रिपोर्ट में शामिल कर रहा है।

1.दिल्ली और लखनऊ में चर्चा:शुरुआती चरण.

आयोग ने सबसे पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लखनऊ में केंद्रीय कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की।

2.भुवनेश्वर में 6-7 जुलाई को बैठक:मध्य चरण.

हाल ही में ओडिशा के भुवनेश्वर में दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जहां पूर्वी क्षेत्र के कर्मचारी संगठनों ने अपने मांग पत्र सौंपे।

3.9-10 जुलाई को कोलकाता में मंथन:ताजा अपडेट.

आज (10 जुलाई 2026) पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोग की बैठक का अगला दौर चल रहा है। इन सभी दौरों के सुझावों के व्यापक मंथन के बाद अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा।

जब यह अंतिम सिफारिश रिपोर्ट केंद्र सरकार के पास वित्त मंत्रालय को भेजी जाएगी, तब जाकर देश के लाखों कर्मचारियों की सैलरी में होने वाले वास्तविक बदलाव की तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।

डिजिटल सुरक्षा अपडेट (Quick Technical Note)

इसी बीच रेलवे यात्रा और अन्य केंद्रीय सेवाओं के डिजिटल अपग्रेडेशन के तहत आईआरसीटीसी ($IRCTC$) ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्रणालियों में सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए नई तकनीकों और आवश्यक सत्यापन प्रक्रियाओं पर भी तेजी से काम कर रहा है।