
अक्सर नौकरी बदलने के दौरान कई कर्मचारी अपने पुराने ईपीएफ (EPF – कर्मचारी भविष्य निधि) अकाउंट का रिकॉर्ड या मेंबर आईडी (Member ID) खो देते हैं। कई अलग-अलग कंपनियों में काम करने की वजह से एक ही व्यक्ति के कई पीएफ अकाउंट बन जाते हैं, जिन्हें ट्रैक करना बेहद सिरदर्द बन जाता है। लेकिन अब देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत की बड़ी खबर है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने पोर्टल पर एक बेहद शानदार Service History फीचर पेश किया है। इस नए डिजिटल टूल की मदद से कर्मचारी अपने यूएएन (UAN – यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) से जुड़े सभी पुराने और मौजूदा रोजगार का पूरा रिकॉर्ड एक ही जगह पर आसानी से देख सकते हैं।
एक क्लिक में खुलेगा आपकी पूरी नौकरी का कच्चा चिट्ठा
EPFO के नए यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर उपलब्ध ‘सर्विस हिस्ट्री’ फीचर कर्मचारियों के पूरे करियर का लाइव विवरण दिखाता है। इसमें आपको निम्नलिखित महत्वपूर्ण जानकारियां एक साथ मिल जाती हैं:
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आपने किस कंपनी (Employer) में किस तारीख से किस तारीख तक नौकरी की।
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उस कंपनी में काम करने के दौरान आपकी विशिष्ट Member ID क्या थी?री के दौरान कुल कितने महीनों या सालों तक आपका EPF योगदान जमा हुआ
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यह फीचर उन कर्मचारियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिन्होंने अपने करियर में कई बार कंपनियां बदली हैं और समय की कमी या जानकारी के अभाव में अपना पुराना पीएफ बैलेंस नए अकाउंट में ट्रांसफर नहीं कर पाए थे।
निष्क्रिय पड़े पुराने PF फंड को ट्रांसफर करना हुआ बेहद आसान
आमतौर पर नई कंपनी ज्वाइन करते ही कर्मचारियों का एक नया पीएफ अकाउंट खुल जाता है, लेकिन पुराने अकाउंट का पैसा पिछले खाते में ही अटका रह जाता है। सालों बीत जाने के बाद कई कर्मचारियों को तो यह भी याद नहीं रहता कि उनके कुल कितने पीएफ खाते सक्रिय या निष्क्रिय पड़े हैं।
EPFO का यह नया सर्विस हिस्ट्री फीचर आपके UAN से मैप की गई सभी पुरानी मेंबर आईडी को स्क्रीन पर फ्लैश कर देता है। इसके बाद कर्मचारी आसानी से अपने उन पुराने खातों की पहचान कर सकते हैं जिनमें उनका पैसा फंसा हुआ है, और ऑनलाइन ही उसे अपने मौजूदा चालू खाते में ट्रांसफर (PF Transfer Online) करने का क्लेम डाल सकते हैं।
‘E-PRAAPTI’ प्लेटफॉर्म भी करेगा आपकी बड़ी मदद
यदि आपका कोई बहुत पुराना पीएफ खाता आपके मौजूदा UAN नंबर से लिंक नहीं है, तो EPFO ने उसके लिए भी एक नया E-PRAAPTI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सदस्य अपने पैन (PAN), मेंबर आईडी या अन्य उपलब्ध वित्तीय दस्तावेजों की मदद से बरसों पुराने अनलिंक्ड ईपीएफ अकाउंट का आसानी से पता लगा सकते हैं। इसके बाद उस खाते को मौजूदा यूएएन से जोड़ने (Merge) की प्रक्रिया भी पहले से कहीं ज्यादा सरल और पूरी तरह पेपरलेस कर दी गई है। इससे देश के पीएफ खातों में वर्षों से लावारिस पड़े हजारों करोड़ रुपये को उनके सही हकदार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
दफ्तरों के चक्कर काटने से मिली मुक्ति; घर बैठे डिजिटल सेवाएं
EPFO पिछले कुछ समय से तकनीकी स्तर पर अपनी सेवाओं को तेजी से अपग्रेड कर रहा है। ऑनलाइन क्लेम सेटलमेंट (Online Claim Settlement), ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर (Automatic PF Transfer), चंद मिनटों में आसान केवाईसी (KYC) अपडेट और अब यूनिफाइड पोर्टल पर ‘सर्विस हिस्ट्री’ का विकल्प, ये सभी कदम इसी डिजिटल क्रांति का हिस्सा हैं। इसका एकमात्र उद्देश्य यह है कि देश के किसी भी कर्मचारी को अपने खुद के पैसों की जानकारी या निकासी के लिए ईपीएफओ के क्षेत्रीय कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
टैक्स और पीएफ एक्सपर्ट्स की सलाह: सभी नौकरीपेशा ईपीएफ सदस्यों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपने यूएएन पोर्टल पर लॉग इन करके अपनी ‘सर्विस हिस्ट्री’ को जरूर री-चेक करें। इससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि आपकी सभी पिछली कंपनियों का डेटा और ईपीएफ कंट्रीब्यूशन रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी नहीं है, ताकि भविष्य में रिटायरमेंट, एडवांस पीएफ निकालने या अंतिम सेटलमेंट के वक्त आपको किसी भी तकनीकी रुकावट का सामना न करना पड़े।
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