
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई। करीब तीन घंटे तक चली इस लंबी बैठक में ट्रस्ट ने कई बड़े और कड़े फैसले लिए हैं, जिसकी आधिकारिक घोषणा कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने मीडिया के सामने की। इस बैठक में सबसे बड़ा कदम उठाते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। इसके साथ ही, पिछले कुछ समय से मंदिर के चढ़ावे और कीमती सामानों के गायब होने को लेकर लग रहे आरोपों पर ट्रस्ट ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ करते हुए दान का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक कर दिया है।
दान चोरी के आरोपों के बीच पहली बार सामने लाया गया सरकारी रजिस्टर
राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए गहने और कीमती सामानों के गायब होने की अफवाहों और आरोपों को खारिज करने के लिए ट्रस्ट ने एक अनोखा कदम उठाया। कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने मीडिया के सामने दान की गई वस्तुओं का आधिकारिक सरकारी रजिस्टर पेश किया। उन्होंने जनता की शंकाओं को दूर करने के लिए बताया कि मंदिर को मिले सभी उपहार और आभूषण पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका एक-एक विवरण दर्ज है।
5 करोड़ की सोने की रामचरितमानस सहित दिखाई गईं ये कीमती चीजें
भ्रम की स्थिति को खत्म करने के लिए ट्रस्ट ने कुछ बेहद मूल्यवान और खास वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित भी किया। इनमें सबसे प्रमुख आकर्षण एक श्रद्धालु द्वारा भेंट की गई सोने की परत चढ़ी ‘रामचरितमानस’ की अद्भुत प्रति रही, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। स्वामी गोविंद देव गिरि ने साफ किया कि रजिस्टर में अब तक कुल 2,800 से अधिक दान की गई वस्तुओं का पूरा विवरण दर्ज है, जिनमें से कुछ चुनिंदा और मुख्य चीजों को उदाहरण के तौर पर लोगों के सामने लाया गया है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
कुल 2,926 कीमती वस्तुएं मिलीं, श्रद्धालु खुद आकर देख सकते हैं ब्यौरा
ट्रस्ट द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राम मंदिर को कुल 2,926 मूल्यवान वस्तुएं दान में मिल चुकी हैं। ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को एक बड़ा भरोसा देते हुए कहा कि यदि किसी भक्त को अपने द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी या किसी अन्य कीमती सामान की स्थिति जाननी है, तो वह पूरी तरह स्वतंत्र है। इसके लिए श्रद्धालु को ट्रस्ट के अधिकारियों से पहले समय (Appointment) लेना होगा और फिर वे अयोध्या आकर अपने दान का पूरा रिकॉर्ड देख सकते हैं।
22 अगस्त को होगी अगली बैठक; SIT रिपोर्ट पर होगी बड़ी कार्रवाई
इस पूरे मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब ट्रस्ट ने बताया कि दान की कथित चोरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट जल्द ही सामने आने वाली है। ट्रस्ट की अगली बड़ी बैठक 22 अगस्त को तय की गई है। इस बैठक में न केवल एसआईटी की क्लोजर रिपोर्ट पर गहन चर्चा होगी, बल्कि नए ट्रस्टियों की आधिकारिक नियुक्तियों पर भी मुहर लगाई जाएगी।
कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने सख्त लहजे में कहा कि चोरी एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि वह फरार आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़कर कानून के हवाले करे। ट्रस्ट इस मामले में शामिल हर एक व्यक्ति के खिलाफ सबसे सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग पर पूरी तरह अडिग है।
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