
देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक संकेत सामने आया है। भारत के सेवा क्षेत्र (Service Sector) की गतिविधियों में जून महीने के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इंडिया सर्विस पीएमआई (India Services PMI) 17 महीनों के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण घरेलू मांग में आई सुस्ती को माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मांग घटने से सर्विस सेक्टर की कंपनियों की ग्रोथ पर सीधा असर पड़ा है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।
मांग में नरमी और कारोबार पर दबाव
जून महीने में सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में यह गिरावट उस वक्त दर्ज की गई है, जब बाजार को काफी उम्मीदें थीं। पीएमआई के आंकड़े बताते हैं कि नए ऑर्डर्स में कमी के चलते कंपनियों ने अपने विस्तार की योजनाओं को फिलहाल के लिए धीमा कर दिया है। घरेलू बाजार में ग्राहकों की तरफ से मांग में आई कमी ने सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं। हालांकि, कंपनियां अब भी लागत में हो रही वृद्धि और प्रतिस्पर्धी माहौल के बीच अपने मार्जिन को बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई हैं।
भविष्य पर क्या है विशेषज्ञों की राय
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि सेवा क्षेत्र में यह नरमी अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अगर आने वाले महीनों में घरेलू मांग में सुधार नहीं होता है, तो इसका असर रोजगार दर और कंपनियों की भर्ती योजनाओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार की नजरें आरबीआई की मौद्रिक नीति और आने वाले तिमाही नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि सर्विस सेक्टर कब तक अपनी पुरानी रफ्तार हासिल कर पाएगा।
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