
वैश्विक शेयर बाजार इस समय गहरे भूचाल के दौर से गुजर रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य और भू-राजनीतिक तनाव (US-Iran Conflict) ने दुनिया भर के निवेशकों की रातों की नींद उड़ा दी है। वैश्विक संकेतों (Global Cues) में आई भारी कमजोरी के कारण आज सुबह सभी एशियाई बाजारों में लाल निशान यानी भारी गिरावट देखने को मिल रही है। इस चौतरफा बिकवाली का सीधा असर आज भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांकों— निफ्टी 50 (Nifty 50) और बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) पर पड़ना तय माना जा रहा है। घरेलू बाजार में इस उथल-पुथल के बीच, आज निवेशकों की पैनी नजर कुछ बड़े प्राथमिक बाजार यानी न्यू IPOs पर भी टिकी रहेगी।
US-Iran वॉर संकट: ग्लोबल मार्केट में क्यों मचा हाहाकार?
मिडल ईस्ट (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य तनाव के चलते कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका गहरी हो गई है। क्रूड ऑयल (Crude Oil) की कीमतों में संभावित उछाल और वैश्विक महंगाई दर में बढ़ोतरी के डर से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बाजारों से अपने हाथ पीछे खींचने शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी वायदा बाजारों (Wall Street Futures) में देखी गई कमजोरी के बाद आज सुबह जापान का निक्केई (Nikkei), दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) और चीन के शंघाई कंपोजिट समेत लगभग सभी एशियाई बाजार लाल निशान में खुले हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव (Volatility Index – India VIX) इसी तरह बना रहेगा।
भारतीय बाजार के लिए क्या हैं आज के मुख्य ट्रिगर्स?
दलाल स्ट्रीट (Dalal Street) के जानकारों के मुताबिक, आज भारतीय निवेशकों के लिए दोहरा संकट है। एक तरफ जहां कमजोर वैश्विक संकेत और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें घरेलू मुद्रा (Rupee) और भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाएंगी, वहीं दूसरी तरफ बाजार के महत्वपूर्ण टेक्निकल सपोर्ट लेवल्स (Technical Support and Resistance) का टूटना बिकवाली को और तेज कर सकता है। हालांकि, बाजार के इस गिरावट वाले दौर में भी कुछ चुनिंदा सेक्टर्स जैसे बैंकिंग, डिफेंस और आईटी स्टॉक्स में चुनिंदा खरीदारी (Stock Specific Action) देखने को मिल सकती है। रिटेल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें और बाजार के स्थिर होने का इंतजार करें।
मंदी के बीच IPO मार्केट गुलजार: इन कंपनियों पर रहेगा निवेशकों का फोकस
भले ही सेकेंडरी मार्केट (Secondary Market) में लाल निशान का दबदबा हो, लेकिन प्राइमरी मार्केट (Primary Market) यानी आईपीओ सेगमेंट में आज जबरदस्त एक्शन देखने को मिलने वाला है। आज कुछ नई कंपनियों के आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहे हैं, जबकि कुछ पहले से खुले आईपीओ के बंद होने का आखिरी दिन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में हलचल के कारण इन कंपनियों के शेयरों पर लिस्टिंग गेन (Listing Gain) मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बाजार की इस गिरावट में जो निवेशक सीधे शेयरों में पैसा लगाने से बच रहे हैं, उनके लिए ये आईपीओ निवेश का एक बेहतरीन और सुरक्षित विकल्प साबित हो सकते हैं।
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