
सनातन धर्म में दैनिक पंचांग का विशेष महत्व है, क्योंकि इसके जरिए हम दिन के शुभ-अशुभ समय को जानकर अपने महत्वपूर्ण कार्यों की रूपरेखा तय करते हैं। आज 28 जून 2026, दिन रविवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज का दिन आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि आज के दिन रवि योग, शुभ योग और शुक्ल योग का एक बेहद दुर्लभ व पवित्र त्रिकोणीय संयोग बन रहा है। रविवार का दिन प्रत्यक्ष देवता सूर्य देव को समर्पित होता है, इसलिए आज के दिन की गई सूर्य उपासना जातकों के जीवन में तेज, मान-सम्मान और आरोग्य लेकर आती है।
सूर्य देव को अर्घ्य देते समय न करें ये गलती, इन बातों का रखें विशेष ध्यान
आज रविवार के दिन सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए सुबह स्नान के बाद उन्हें तांबे के लोटे (पात्र) से अर्घ्य देना सबसे उत्तम माना जाता है। अर्घ्य के जल में लाल चंदन या रोली, अक्षत (साबुत चावल) और लाल रंग के फूल जरूर मिला लें। इसके बाद भगवान सूर्य के मंत्रों का श्रद्धापूर्वक जाप करते हुए जल अर्पित करें। जल चढ़ाते समय ध्यान रखें कि जल की धार के बीच से सूर्य देव के दर्शन करें। अर्घ्य देने के पश्चात वहीं खड़े होकर ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ अवश्य करें। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ऐसा करने से व्यक्ति के आत्मविश्वास में अभूतपूर्व वृद्धि होती है और उसकी नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) मजबूत होती है।
ग्रह गोचर और नक्षत्र: वृश्चिक राशि में रहेंगे चंद्रमा, मंगल-गुरु का बनेगा लाभ दृष्टि योग
आज के पंचांग की ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ग्रहों के राजा सूर्य देव जहां मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं, वहीं मन के कारक चंद्रमा पूरे दिन मंगल की राशि वृश्चिक में संचरण करेंगे। आज का नक्षत्र ज्येष्ठ मास के नाम पर आधारित ‘ज्येष्ठा नक्षत्र’ रहेगा, जो पूरे दिन और रात तक प्रभावी रहेगा। आज के ग्रहों की स्थिति (Planet Transits) बेहद दिलचस्प है; साहस व पराक्रम के कारक ग्रह मंगल और ज्ञान, सुख-सौभाग्य के दाता गुरु (बृहस्पति) एक-दूसरे से 60 डिग्री के कोण पर स्थित रहकर एक बेहद शुभ ‘लाभ दृष्टि योग’ का निर्माण कर रहे हैं। इस योग के प्रभाव से आज किए गए कार्यों में सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
आज के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का सटीक समय जानें
आज 28 जून 2026 को दिन और रात के संधि काल तथा चंद्र-सूर्य की स्थिति का समय कुछ इस प्रकार रहने वाला है:
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सूर्योदय (Sunrise): सुबह 05:47 बजे
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सूर्यास्त (Sunset): शाम 07:12 बजे
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चन्द्रोदय (Moonrise): शाम 06:11 बजे
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चन्द्रास्त (Moonset): 29 जून की सुबह 04:47 बजे
नोट: विभिन्न शहरों के अक्षांश और देशांतर (Geographical Location) के अंतर के कारण स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में कुछ मिनटों या सेकंड का आंशिक अंतर देखा जा सकता है।
आज के शुभ मुहूर्त: अभिजीत और अमृत काल में करें नए कार्यों की शुरुआत
यदि आप आज कोई नया व्यापार, गृह प्रवेश, खरीदारी या कोई अन्य मांगलिक कार्य शुरू करना चाहते हैं, तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आपको आज के शुभ चौघड़िया और मुहूर्तों का लाभ उठाना चाहिए:
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:11 बजे से 04:59 बजे तक (यह समय साधना और ध्यान के लिए सर्वश्रेष्ठ है)
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:03 बजे से 12:56 बजे तक (किसी भी नए कार्य को शुरू करने का सबसे उत्तम समय)
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अमृत काल: दोपहर 03:15 बजे से शाम 05:02 बजे तक
राहुकाल और अशुभ समय: इस दौरान भूलकर भी न करें कोई शुभ काम
हिंदू पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दिन के कुछ समय ऐसे होते हैं जिनमें नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है, इसलिए इस दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से पूरी तरह बचना चाहिए:
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राहुकाल: शाम 05:31 बजे से 07:12 बजे तक (इस समय में कोई भी नया सौदा या यात्रा शुरू न करें)
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यम गण्ड: दोपहर 12:30 बजे से 02:10 बजे तक
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कुलिक मुहूर्त: दोपहर 03:51 बजे से शाम 05:31 बजे तक
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दुर्मुहूर्त: शाम 05:24 बजे से 06:18 बजे तक
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वर्ज्यम् काल: सुबह 04:28 बजे से 06:16 बजे तक
आज के धार्मिक करण की स्थिति
पंचांग के पांच अंगों में से एक ‘करण’ की स्थिति आज दो भागों में विभाजित रहेगी। पहला ‘गर करण’ 27 और 28 जून की मध्यरात्रि 12:43 बजे से शुरू होकर आज दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा। इसके बाद ज्योतिषीय गणना के अनुसार ‘वणिज करण’ प्रारंभ होगा, जो दोपहर 01:55 बजे से लेकर अगले दिन यानी 29 जून की तड़के सुबह 03:06 बजे तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक कार्यों के संपादन के लिए इन करणों का अपना विशेष महत्व होता है।
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