
सुबह की गरमा-गरम चाय में जब अदरक (Zingiber officinale) की सोंधी खुशबू मिक्स हो जाए, तो स्वाद का मज़ा दोगुना हो जाता है। यही वजह है कि लगभग हर भारतीय रसोई में अदरक एक अनिवार्य हिस्से के रूप में मौजूद रहती है। लेकिन बहुत कम लोगों को इस दिलचस्प फैक्ट की जानकारी होगी कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा अदरक का उत्पादन अकेले भारत में होता है। वैश्विक स्तर पर कुल अदरक उत्पादन का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा भारत से आता है। यानी अदरक के मामले में भारत दुनिया का बेताज बादशाह है। मगर क्या आप जानते हैं कि हमारे देश के भीतर वह कौन-सा इलाका है जो सबसे ज्यादा अदरक पैदा करता है और जिसे ‘अदरक कैपिटल’ भी कहा जाता है? आइए जानते हैं इस अनोखी जगह और इससे जुड़े आंकड़ों के बारे में।
सालाना 24 लाख टन का बंपर उत्पादन, अमेरिकी और खाड़ी देशों में भारी डिमांड
अगर भारत में अदरक के कुल उत्पादन पर नजर डालें, तो आंकड़े बेहद आकर्षक हैं। वर्ष 2022-23 के दौरान देश में अदरक का कुल उत्पादन लगभग 24.31 लाख मीट्रिक टन दर्ज किया गया था, जबकि 2023-24 में यह आंकड़ा करीब 23.33 लाख टन रहा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, अदरक की खेती के लिए उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय (Tropical and Subtropical) जलवायु सबसे उत्तम मानी जाती है। इस नकदी फसल को बेहतर ढंग से उगाने के लिए नमी, शानदार जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी, 20 से 30 डिग्री सेल्सियस का तापमान और पर्याप्त बारिश या सिंचाई की जरूरत होती है। भारत सिर्फ इसका सबसे बड़ा उत्पादक ही नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ा उपभोक्ता और निर्यातक भी है। खासकर सूखी अदरक (Dry Ginger) के मामले में भारतीय बाजार की साख दुनिया भर में है। अमेरिका, यूएई (UAE), बांग्लादेश, यूके (UK) और सऊदी अरब जैसे बड़े देश भारत से भारी मात्रा में अदरक खरीदते हैं, जिससे देश को हर साल करोड़ों डॉलर का विदेशी राजस्व प्राप्त होता है।
मध्य प्रदेश है देश का नंबर-1 राज्य, छिंदवाड़ा को मिला है ‘अदरक सिटी’ का गौरव
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, भारत में सबसे ज्यादा अदरक का उत्पादन करने वाला राज्य मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) है। अकेले वर्ष 2022-23 में मध्य प्रदेश ने रिकॉर्ड 5.44 लाख टन से अधिक अदरक का उत्पादन किया था। पूरे देश के कुल अदरक उत्पादन में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 22.39 प्रतिशत रही, जो इसे देश का शीर्ष उत्पादक राज्य बनाती है। मध्य प्रदेश के भीतर भी छिंदवाड़ा जिले ने अपनी बंपर पैदावार और विशाल स्थानीय व्यापार मंडियों के चलते देश की ‘अदरक सिटी’ (Ginger City) का गौरव हासिल किया है। छिंदवाड़ा से ही भारत के दूसरे राज्यों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फ्रेश अदरक की सबसे ज्यादा सप्लाई की जाती है। हाल ही में नीति आयोग द्वारा पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम को उसकी प्रीमियम और औषधीय गुणवत्ता वाली जीआई-टैग (GI-Tagged) अदरक की वजह से ‘अदरक की राजधानी’ (Ginger Capital of India) के रूप में भी सराहा गया है, जहां की अदरक वैश्विक फार्मा कंपनियों की पहली पसंद बनी हुई है।
कर्नाटक और ओडिशा भी रेस में आगे, जानें अन्य राज्यों का हाल
अदरक के इस महाउत्पादन में मध्य प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर कर्नाटक (Karnataka) आता है। कर्नाटक अपनी आधुनिक और मशीनीकृत खेती की बदौलत देश के कुल उत्पादन में लगभग 20 प्रतिशत का बड़ा योगदान देता है। इसके बाद 9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ ओडिशा (Odisha) तीसरे स्थान पर है। इन शीर्ष तीन राज्यों के अलावा भारत के अन्य हिस्सों जैसे असम, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, सिक्किम, केरल और मेघालय के पहाड़ी इलाकों में भी बेहतरीन और जैविक (Organic) तरीके से अदरक की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। मध्य प्रदेश की बात करें तो बड़वानी, इंदौर, खरगोन और छिंदवाड़ा जैसे जिलों की अनुकूल मिट्टी और उन्नत सिंचाई सुविधाओं ने यहां के किसानों की किस्मत बदल दी है।
स्वाद के साथ सेहत का खजाना: औषधीय गुणों से भरपूर है अदरक
अदरक का इस्तेमाल सिर्फ चाय या वाइटल डिशेज का स्वाद बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा में इसके बेमिसाल औषधीय गुणों को स्वीकार किया गया है। अदरक के भीतर पाए जाने वाले विशेष तत्व (Gingerols और Oleoresins) इसे सेहत के लिए एक बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट बनाते हैं। इसके नियमित सेवन से मानव शरीर का पाचन तंत्र बेहद मजबूत होता है, पेट की गैस और अपच की समस्या से राहत मिलती है और शरीर की आंतरिक सूजन (Inflammation) कम होती है। सर्दी-खांसी और गले की खराश के लिए अदरक को अचूक घरेलू नुस्खा माना जाता है। यही कारण है कि औषधीय और व्यावसायिक, दोनों ही मोर्चों पर भारत की यह सुनहरी फसल दुनिया भर में अपना लोहा मनवा रही है।
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