
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब लाइफस्टाइल और घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करने की आदत ने लोगों को शारीरिक और मानसिक रूप से थका दिया है। ऐसे में खुद को फिट और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए योग से बेहतर और कुछ नहीं हो सकता। योग विज्ञान में कई ऐसे आसन हैं जो पूरे शरीर पर एक साथ काम करते हैं, और उन्हीं में से एक बेहद प्रभावशाली आसन है ‘पश्चिमोत्तानासन’ (Seated Forward Bend Pose)। अगर आप इसे अपनी डेली रूटीन में शामिल करते हैं, तो यह आपके सिर से लेकर पैर के अंगूठे तक की मांसपेशियों को टोन करने की ताकत रखता है। आइए एक रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि रोजाना इस आसन का अभ्यास करने से आपके शरीर में क्या-क्या बदलाव आते हैं।
पेट की चर्बी पिघलाने और पाचन तंत्र दुरुस्त करने में मददगार
पश्चिमोत्तानासन का सबसे बड़ा और सीधा असर हमारे पेट और पाचन तंत्र पर पड़ता है। जब आप आगे की ओर झुकते हैं, तो आपके पेट के आंतरिक अंगों जैसे लिवर, किडनी और पैनक्रियाज पर गहरा दबाव बनता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता में सुधार होता है। यह आसन पेट की जिद्दी चर्बी (Belly Fat) को तेजी से कम करने और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मदद करता है। इसके नियमित अभ्यास से कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी पेट की पुरानी समस्याओं से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है। डायबिटीज के मरीजों के लिए भी यह आसन इंसुलिन के प्रोडक्शन को संतुलित करने में बेहद कारगर माना गया है।
रीढ़ की हड्डी को बनाएगा लोहे जैसा मजबूत और लचीला
लगातार गलत पोस्चर में बैठने के कारण आजकल युवाओं में पीठ दर्द, कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी का कड़ा होना एक आम समस्या बन चुका है। पश्चिमोत्तानासन करते समय जब पूरी पीठ आगे की तरफ खिंचती है, तो इससे रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) का लचीलापन बढ़ता है और वह मजबूत होती है। यह आसन आपकी हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों, कंधों और कूल्हों को एक बेहतरीन स्ट्रेच देता है। यदि आपको अक्सर काम के बाद पीठ में दर्द या भारीपन महसूस होता है, तो रोजाना सुबह खाली पेट इसका अभ्यास करने से आपकी मांसपेशियों का तनाव पूरी तरह से खत्म हो जाएगा और शरीर का पोस्चर सुधरेगा।
मानसिक तनाव दूर कर दिमाग को शांत करने की अचूक दवा
शारीरिक फायदों के अलावा पश्चिमोत्तानासन मानसिक स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आगे झुकने की इस मुद्रा से मस्तिष्क में रक्त का संचार (Blood Circulation) बेहतर होता है, जिससे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र शांत होता है। यह आसन कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन के स्तर को कम करके मानसिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन के लक्षणों को नियंत्रित करता है। जिन लोगों को रात में नींद न आने (Insomnia) की बीमारी है, उनके लिए यह आसन बेहद फायदेमंद है। यह दिमाग को गहरी शांति का एहसास कराता है, जिससे मन एकाग्र होता है और नींद की क्वालिटी में जबरदस्त सुधार होता है।
जानिए पश्चिमोत्तानासन करने का सबसे सही और सुरक्षित तरीका
इस आसन का पूरा लाभ उठाने के लिए इसे सही तकनीक से करना बेहद जरूरी है। सबसे पहले फर्श पर योग मैट बिछाकर दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर बैठ जाएं (दंडासन)। अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें। अब सांस भरते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और शरीर को ऊपर की तरफ खींचें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ झुकें और अपने हाथों से पैरों के अंगूठों को पकड़ने का प्रयास करें। कोशिश करें कि आपका माथा आपके घुटनों को छुए, लेकिन शुरुआत में शरीर के साथ ज्यादा जबरदस्ती न करें। इस अंतिम मुद्रा में 30 से 60 सेकंड तक सामान्य रूप से सांस लेते रहें और फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं। गर्भवती महिलाओं, स्लिप डिस्क और गंभीर पीठ दर्द से पीड़ित लोगों को इसके अभ्यास से बचना चाहिए।
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