ईरान ने भारतीय जहाजों पर झोंकी गोलियां क्लियरेंस के बावजूद IRGC ने किया हमला, दिल्ली ने ईरानी राजदूत को किया तलब

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News India Live, Digital Desk : खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बीच शनिवार को हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर रहे दो भारतीय जहाजों पर ईरानी नौसेना ने फायरिंग कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि इन जहाजों को पहले ईरान की ओर से सुरक्षित निकलने का मार्ग (Clearance) दिया गया था, लेकिन बीच रास्ते में ही उन पर हमला बोल दिया गया। भारतीय चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं, लेकिन इस घटना ने भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है।

1. किन जहाजों पर हुआ हमला?

IRGC की गनबोट्स ने मुख्य रूप से दो भारतीय जहाजों को निशाना बनाया:

Sanmar Herald (सनमार हेराल्ड): यह एक ‘वेरी लार्ज क्रूड कैरियर’ (VLCC) सुपरटैंकर है, जो इराक से लगभग 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा था।

Jag Arnav (जग अर्णव): यह एक बल्क कैरियर जहाज है जो सऊदी अरब के अल जुबैल से भारत की ओर आ रहा था।

मौके की स्थिति: ऑडियो रिकॉर्डिंग में ‘सनमार हेराल्ड’ के कप्तान को चिल्लाते हुए सुना गया, “सेपाह नेवी (ईरानी नौसेना)! आपने हमें क्लियरेंस दिया था! मेरा नाम आपकी लिस्ट में दूसरे नंबर पर है, फिर आप फायरिंग क्यों कर रहे हैं? मुझे वापस मुड़ने दें!”

2. क्या था जहाजों का अगला कदम? (The Next Step)

फायरिंग के तुरंत बाद जहाजों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए:

वापसी का फैसला (U-Turn): दोनों जहाजों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने का इरादा छोड़ दिया और तुरंत फारस की खाड़ी (Persian Gulf) की ओर वापस मुड़ गए।

डिस्ट्रैस कॉल: जहाजों ने तुरंत भारतीय नौसेना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों (UKMTO) को संकट का संदेश भेजा।

सुरक्षित लंगर: वर्तमान में ये जहाज फारस की खाड़ी के सुरक्षित क्षेत्रों में लंगर डाले हुए हैं और भारतीय नौसेना के साथ लगातार संपर्क में हैं।

3. भारत की सख्त कूटनीतिक कार्रवाई

घटना के कुछ ही घंटों के भीतर नई दिल्ली ने कड़ा विरोध दर्ज कराया:

राजदूत तलब: भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली को तलब किया और इस “गंभीर फायरिंग घटना” पर गहरी चिंता व्यक्त की।

मुक्त नौवहन की मांग: भारत ने स्पष्ट किया कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की स्वतंत्र और सुरक्षित आवाजाही के पक्ष में है।

नौसेना की मुस्तैदी: हालांकि जलडमरूमध्य के भीतर कोई भारतीय युद्धपोत नहीं था, लेकिन ओमान की खाड़ी में भारत के दो डिस्ट्रॉयर और एक फ्रिगेट को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

4. एक जहाज सुरक्षित निकला

इस तनाव के बीच एक राहत की खबर यह रही कि ‘देश गरिमा’ (Desh Garima) नामक एक अन्य भारतीय टैंकर सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहा और वह 22 अप्रैल तक मुंबई पहुँच जाएगा।

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