News India Live, Digital Desk: सोशल मीडिया पर अक्सर अपने बिजनेस और हेल्थ टिप्स साझा करने वाली नमिता थापर इस बार एक धार्मिक-वैज्ञानिक विवाद में घिर गईं। नमिता ने हाल ही में एक वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने ‘नमाज’ के दौरान की जाने वाली शारीरिक मुद्राओं (Postures) के स्वास्थ्य लाभ बताए थे। इस पर कुछ कट्टरपंथी यूजर्स ने उन्हें निशाने पर ले लिया, जिसके बाद नमिता ने पलटवार करते हुए अपनी धार्मिक पहचान और सोच को स्पष्ट किया है।
1. क्या था विवाद का कारण?
नमिता थापर ने एक रील साझा की थी जिसमें उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बताया कि कैसे नमाज पढ़ने की मुद्राएं योग की तरह शरीर के जोड़ों और मानसिक शांति के लिए फायदेमंद हो सकती हैं।
ट्रोलिंग की शुरुआत: कुछ यूजर्स ने इसे ‘तुष्टीकरण’ और ‘हिंदू विरोधी’ बताते हुए उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया। उन पर आरोप लगाया गया कि वे एक विशेष धर्म का प्रचार कर रही हैं।
2. नमिता का करारा जवाब (The Clapback)
ट्रोलर्स को जवाब देते हुए नमिता ने एक और पोस्ट साझा किया और लिखा:
“मैं कट्टर हिंदू हूँ”: नमिता ने स्पष्ट किया, “मैं एक गौरवान्वित और कट्टर हिंदू हूँ, जो हर दिन पूजा करती है। लेकिन मैं एक ऐसी भारतीय भी हूँ जो हर धर्म का सम्मान करती है और विज्ञान में विश्वास रखती है।”
नफरत पर प्रहार: उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी चीज का वैज्ञानिक लाभ है, तो उसे धर्म के चश्मे से देखना संकीर्ण मानसिकता है। उन्होंने ट्रोलर्स को अपनी ऊर्जा सकारात्मक चीजों में लगाने की सलाह दी।
3. ‘शार्क टैंक’ की सबसे चर्चित जज
नमिता थापर अपनी ‘Pharma’ बैकग्राउंड के कारण अक्सर स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर बात करती हैं।
साफगोई के लिए मशहूर: ‘शार्क टैंक’ में भी वे अपने डायलॉग “ये मेरी एक्सपर्टाइज नहीं है, सो आई एम आउट” के लिए मशहूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर वे हर उस मुद्दे पर अपनी राय रखती हैं जहाँ उन्हें लगता है कि विज्ञान और जागरूकता की जरूरत है।
4. सोशल मीडिया पर मिला समर्थन
नमिता के इस स्टैंड के बाद कई लोग उनके समर्थन में भी आए हैं। समर्थकों का कहना है कि एक शिक्षित समाज में हर धर्म की अच्छी बातों और उनके वैज्ञानिक महत्व को स्वीकार करने की उदारता होनी चाहिए।
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