27 साल बाद भी आंखों में आंसू ला देता है यह ‘सैड सॉन्ग’, अधूरी प्रेम कहानी का आज भी है जलवा

बॉलीवुड के सैड सॉन्ग्स की फेहरिस्त में तमाम गाने शुमार हैं, लेकिन क्या आपने कभी कोई ऐसा नॉन-फिल्मी गीत सुना है जिसे सुनने के बाद रूह कांप जाए? हम बात कर रहे हैं 27 साल पहले 1999 में रिलीज हुई उस ऐतिहासिक गजल की, जिसने बिना किसी फिल्म के सहारे ही संगीत प्रेमियों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ दी। यह 12 मिनट का मास्टरपीस आज भी सदी के सबसे दर्द भरे गीतों में शीर्ष पर गिना जाता है।

छोटे मजीद शोला की रूहानी आवाज

जब भी गजल की दुनिया की बात होती है, जगजीत सिंह या पंकज उदास का नाम सबसे पहले आता है, लेकिन इस दर्दभरी दास्तां के पीछे गायक छोटे मजीद शोला (Chhote Majeed Shola) का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। मजीद साहब ने अपनी आवाज से जो जादू जगाया, वो आज भी बरकरार है। उनकी गजल ‘वो लड़की याद आती है’ (Woh Ladki Yaad Aati Hai) किसी के भी खोए हुए प्यार की यादों को ताजा करने के लिए काफी है।

कैसे बना यह दर्द का महाकाव्य?

इस गजल की गहराई का अंदाजा इसकी मेकिंग से लगाया जा सकता है। इसके संगीत को मशहूर संगीतकार राजेंद्र प्रसन्ना ने तैयार किया था, जबकि गीतकार हामिद अंसारी के शब्दों ने एक ऐसी ‘अधूरी प्रेम कहानी’ की तस्वीर खींची, जिसे हर आशिक ने खुद से जोड़ लिया। 12 मिनट का यह सफर सुनने वाले को सीधे अतीत की गलियों में ले जाता है, जहां दर्द और यादें ही एकमात्र साथी रह जाती हैं।

डिजिटल युग में भी ‘सुपरहिट’

सोशल मीडिया और यूट्यूब के दौर में भी इस गजल का क्रेज कम नहीं हुआ है। टी-सीरीज के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर मौजूद इस गजल के वीडियो वर्जन को 19 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है। लाखों लाइक्स इस बात का सबूत हैं कि भले ही दौर बदल गया हो, लेकिन छोटे मजीद शोला का यह दर्द भरा गीत आज की युवा पीढ़ी को भी उतना ही छू जाता है। अगर आपने अभी तक इसे नहीं सुना है, तो शायद आपने संगीत की दुनिया का एक सबसे मर्मस्पर्शी हिस्सा मिस कर दिया है।