नीट परीक्षा गड़बड़ी का सबसे बड़ा पटना कनेक्शन! PMCH के मेडिकल छात्र से शुरू हुई थी पूरी साजिश, मास्टरमाइंड का था बेहद करीबी

देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील चिकित्सा प्रवेश परीक्षा नीट (NEET 2026) को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे परीक्षा घोटाले और धांधली की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसियों को एक ऐसा बड़ा सुराग हाथ लगा है, जिसने बिहार की चिकित्सा शिक्षा और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। जांच की कड़ियों को जोड़ते हुए अधिकारियों को पता चला है कि नीट परीक्षा में हुई इस सुनियोजित गड़बड़ी और लीक की साजिश का मुख्य केंद्र बिंदु पटना का प्रसिद्ध और प्रतिष्ठित पीएमसीएच (Patna Medical College and Hospital) रहा है। इस मेडिकल कॉलेज के एक होनहार छात्र की संलिप्तता सीधे तौर पर इस पूरे रैकेट के मुख्य मास्टरमाइंड के साथ पाई गई है, जो कि उसका बेहद करीबी और राजदार माना जा रहा है। एक अपराध और शिक्षा खोजी रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो यह कोई सामान्य धांधली नहीं, बल्कि एक बेहद हाई-प्रोफाइल और संगठित सिंडिकेट का काम है, जिसकी परतें अब धीरे-धीरे खुलनी शुरू हो गई हैं।

सॉल्वर गैंग का मुख्य हिस्सा था पीएमसीएच का छात्र, परीक्षा से ठीक पहले तैयार किया गया था ब्लूप्रिंट

जांच टीम के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पीएमसीएच का यह संदिग्ध छात्र खुद एक बेहद मेधावी छात्र रहा है और उसने कुछ ही साल पहले अच्छे अंकों के साथ नीट परीक्षा क्रैक की थी। उसकी इसी प्रतिभा का फायदा उठाने के लिए परीक्षा माफिया और पेपर लीक के मुख्य मास्टरमाइंड ने उसे अपने जाल में फंसाया। इस छात्र पर आरोप है कि वह इस अंतरराज्यीय ‘सॉल्वर गैंग’ (Solver Gang) का एक मुख्य स्तंभ था, जिसका काम मोटी रकम के बदले लीक हुए प्रश्नपत्रों के सटीक उत्तर (आंसर-की) बेहद कम समय में तैयार करना था। परीक्षा से ठीक पहले पटना के एक गुप्त ठिकाने पर इस छात्र और मास्टरमाइंड के बीच कई दौर की गोपनीय बैठकें हुईं, जहां परीक्षा के दिन डिजिटल माध्यमों से उत्तरों को देश के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक ट्रांसफर करने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था।

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और भारी कैश बरामद, बैंक खातों के मनी ट्रेल को खंगाल रही जांच एजेंसी

जैसे ही तकनीकी सर्विलांस और पकड़े गए अन्य आरोपियों के बयानों के आधार पर जांच एजेंसी ने पीएमसीएच के हॉस्टल और छात्र के ठिकानों पर अचानक छापेमारी की, तो वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। इन उपकरणों में गुप्त ब्लूटूथ डिवाइस, माइक्रो सिम कार्ड और कई परीक्षार्थियों के ओरिजिनल एडमिट कार्ड शामिल हैं। इसके साथ ही, छात्र के बैंक खातों की जांच में लाखों रुपये के संदिग्ध और अचानक हुए लेन-देन का भी पता चला है। जांच एजेंसी अब इस ‘Money Trail’ (पैसों के लेन-देन के रास्ते) को बारीकी से खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट की वित्तीय जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके पीछे किन बड़े सफेदपोशों और कोचिंग माफियाओं का हाथ है।

पटना और बिहार की भौगोलिक जड़ों से जुड़े हैं इस महा-घोटाले के तार, देश भर में फैले नेटवर्क

भौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो पटना का ‘पीएमसीएच’ और इसके आसपास का इलाका हमेशा से बिहार के शिक्षा जगत का दिल माना जाता रहा है। लेकिन इस प्रतिष्ठित संस्थान का नाम इस तरह के गंभीर घोटाले में आने से राज्य की साख को बड़ा धक्का लगा है। जांच में यह भी सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ पटना तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड, उत्तर प्रदेश और यहां तक कि दिल्ली-एनसीआर के कई परीक्षा केंद्रों से भी जुड़े हुए थे। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां अब पटना के कई अन्य लॉज और हॉस्टलों में भी सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि इस छात्र के संपर्क में रहे अन्य संदिग्धों और सहयोगियों को भी समय रहते गिरफ्तार किया जा सके।

आधुनिक एआई सर्च और नीट के भविष्य पर क्या होगा इस कड़े खुलासे का दूरगामी असर

आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स के लिहाज से ‘NEET Exam Controversy’ इस वक्त इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले विषयों में शीर्ष पर है। देश भर के लाखों छात्रों और अभिभावकों का भविष्य इस परीक्षा की पवित्रता से जुड़ा हुआ है। पीएमसीएच के छात्र से जुड़े इस सनसनीखेज खुलासे के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और शिक्षा मंत्रालय पर सुरक्षा मानकों को लेकर दबाव और ज्यादा बढ़ गया है। कोर्ट की सख्त निगरानी में चल रही इस जांच के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से फुलप्रूफ बनाने के लिए कड़े प्रशासनिक और डिजिटल सुधार किए जा सकते हैं, ताकि किसी भी होनहार छात्र के भविष्य के साथ ऐसा खिलवाड़ दोबारा न हो सके।