
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ को और मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। कंपनी ने एक विशाल शेयर-स्वैप एग्रीमेंट (Share-Swap Agreement) के जरिए एयरटेल अफ्रीका (Airtel Africa) में अपनी हिस्सेदारी को काफी ज्यादा बढ़ा लिया है। इस पूरे सौदे की कुल वैल्यू लगभग 28,200 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बड़े बदलाव के बाद अब एयरटेल अफ्रीका में भारती एयरटेल की हिस्सेदारी 16.31 फीसदी की भारी बढ़ोतरी के साथ सीधे करीब 79 फीसदी पर पहुंच गई है। मंगलवार को शेयर बाजार (Stock Market) को भेजी गई आधिकारिक सूचना में कंपनी ने बताया कि इस नए ट्रांजैक्शन से पहले उसके पास एयरटेल अफ्रीका की 62.73 फीसदी हिस्सेदारी ही मौजूद थी।
बिना नगद पैसा चुकाए कैसे हो गई इतनी बड़ी डील?
आमतौर पर जब भी कोई कॉर्पोरेट कंपनी किसी दूसरी बड़ी कंपनी में इतनी बड़ी हिस्सेदारी खरीदती है, तो उसे अपनी जेब से भारी-भरकम कैश (नकद राशि) चुकानी पड़ती है या बैंक से मोटा कर्ज लेना पड़ता है। लेकिन भारती एयरटेल ने यहां एक बेहद स्मार्ट और चालाकी भरा बिजनेस मूव चला है। इस पूरे सौदे की सबसे खास बात यह है कि एयरटेल की जेब से एक भी रुपया कैश के रूप में बाहर नहीं निकला है। दरअसल, यह पूरी तरह से एक ‘कैशलेस शेयर-स्वैप’ ट्रांजैक्शन है।
भारती एयरटेल ने एयरटेल अफ्रीका में 16.31 प्रतिशत की अतिरिक्त हिस्सेदारी हासिल करने के बदले अपनी ही प्रमोटर ग्रुप कंपनी ‘इंडियन कॉन्टिनेंट इन्वेस्टमेंट लिमिटेड’ (ICIL) को प्रेफरेंशियल बेसिस (अधिमान्य आधार) पर नए इक्विटी शेयर जारी कर दिए हैं। इसका मतलब यह हुआ कि कंपनी ने बिना कोई नया कर्ज लिए या अपना कैश बैलेंस घटाए, एक हाई-ग्रोथ वाले इंटरनेशनल एसेट में अपनी आर्थिक हिस्सेदारी को पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर लिया है।
सुनील भारती मित्तल का विजन और प्रमोटर होल्डिंग बढ़ाने की तैयारी
इस बड़े रणनीतिक कदम के पीछे भारती ग्रुप के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल की एक बहुत दूरगामी और सोची-समझी योजना काम कर रही है। मार्च 2026 की तिमाही के वित्तीय नतीजों के ऐलान के दौरान ही उन्होंने साफ कर दिया था कि ग्रुप आने वाले समय में अपनी मुख्य प्रमोटर कंपनियों में हिस्सेदारी को लगातार बढ़ाएगा। मित्तल का दृढ़ विश्वास है कि अगले कुछ वर्षों के भीतर एयरटेल अफ्रीका 10 अरब डॉलर के सालाना रेवेन्यू (राजस्व) वाली एक विशाल ग्लोबल कंपनी बन जाएगी। यह बिजनेस भारती एयरटेल इंडिया के लिए एक बेहद मजबूत और कमाऊ सहयोगी कंपनी के रूप में उभरेगा, जिसका सीधा फायदा भारतीय निवेशकों को भी लंबे समय में बेहतरीन डिविडेंड और रिटर्न के रूप में मिलने की पूरी उम्मीद है।
मुनाफे में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, अफ्रीका में एयरटेल का बंपर प्रदर्शन
अगर हम एयरटेल अफ्रीका के हालिया बिजनेस और कमाई के रिकॉर्ड को देखें, तो आसानी से समझ आता है कि भारती एयरटेल ने इस पर इतना बड़ा दांव क्यों खेला है। वित्त वर्ष 2026 (FY26) में एयरटेल अफ्रीका का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) दोगुने से भी ज्यादा की रफ्तार से बढ़कर 813 मिलियन डॉलर (करीब 7,700 करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया है।
कंपनी को यह बंपर फायदा नाइजीरियाई बाजार में टैरिफ दरों में किए गए सुधारों और विदेशी मुद्रा विनिमय (Forex Gain) के चलते मिला है। रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार रफ्तार पकड़ी है। वित्त वर्ष 2025 में जहां इसका कुल रेवेन्यू 4.9 अरब डॉलर दर्ज किया गया था, वहीं वित्त वर्ष 2026 में यह 29.5 फीसदी की बड़ी छलांग लगाकर 6.4 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।
शेयर बाजार में कैसी रही हलचल और क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
इतनी बड़ी और सकारात्मक खबर आने के बावजूद, मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार में भारती एयरटेल के शेयरों में कोई बहुत बड़ा उछाल या सर्किट देखने को नहीं मिला। दोपहर 12 बजे के आसपास एनएसई (NSE) पर कंपनी के शेयर करीब 0.7 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 1,915.30 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे।
हालांकि, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए राहत की बात यह है कि पिछले एक हफ्ते में एयरटेल के शेयरों ने निचले स्तरों से अच्छी रिकवरी दिखाई है और इसमें 4 फीसदी से ज्यादा की तेजी आ चुकी है। लेकिन अगर आप एक साल का लंबा चार्ट देखेंगे, तो यह शेयर अभी भी अपने ऊपरी स्तरों से थोड़ा लाल निशान में बना हुआ है। बाजार के बड़े जानकारों का मानना है कि इस तरह की रणनीतिक डील्स का असली फायदा कंपनी के बैलेंस शीट और निवेशकों को शॉर्ट टर्म के बजाय लंबी अवधि (Long Term) में देखने को मिलता है।
girls globe