
भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए युवा स्टार तिलक वर्मा (Tilak Varma) के लिए पिछले कुछ दिन किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहे हैं। रविवार (21 जून) को उन्होंने श्रीलंका के दांबुला में ‘इंडिया ए’ (India A) टीम की कप्तानी करते हुए श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में एकतरफा बड़ी जीत हासिल की। इस ऐतिहासिक खिताबी जीत के ठीक अगले ही दिन, वे बिना कोई आराम किए भारत लौटे और सोमवार (22 जून) को घरेलू टी20 लीग में रनों का तूफान खड़ा कर दिया।
हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (HCA) द्वारा आयोजित किए जा रहे TG20 टूर्नामेंट के मैच नंबर-3 में तिलक वर्मा ने मेदक फाल्कन्स (Medak Falcons) की कप्तानी संभाली। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (उप्पल) में खेले गए इस मुकाबले में तिलक ने 259 रनों के विशाल और नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य का पीछा करते हुए एक सनसनीखेज नाबाद शतक जड़ा और अपनी टीम को 2 गेंद शेष रहते एक ऐतिहासिक जीत दिला दी।
वारंगल वॉरियर्स ने मचाई थी तबाही: अमन राव का 48 गेंदों में 142 रन का रिकॉर्ड
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी वारंगल वॉरियर्स (Warangal Warriors) के बल्लेबाजों ने मैदान पर चौके-छक्कों की सुनामी ला दी। वारंगल के कप्तान और सलामी बल्लेबाज अमन राव पेराला ने निडर स्ट्रोकप्ले का मुजाहिरा पेश करते हुए महज 48 गेंदों में 142 रनों की आतिशी पारी खेली। इस पारी में उन्होंने 12 चौके और 13 गगनचुंबी छक्के जड़े।
अमन ने केवल 32 गेंदों में इस टूर्नामेंट का पहला और सबसे तेज शतक पूरा कर लिया था। आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स (RR) के इस नए खिलाड़ी (अमन) के रौद्र रूप की बदौलत वारंगल वॉरियर्स ने निर्धारित 20 ओवरों में 258/7 का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।
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पावरप्ले का नया कीर्तिमान: अमन राव और हर्षित चौधरी (35 रन) की सलामी जोड़ी ने शुरुआती 6 ओवरों (पावरप्ले) में बिना कोई विकेट खोए 101 रन बोर्ड पर टांग दिए, जो इस प्रतियोगिता के इतिहास में पावरप्ले का सबसे बड़ा स्कोर है। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी हुई।
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मिडिल और डेथ ओवर्स का खेल: अमन के आउट होने के बाद मुरुगन अभिषेक के तेजतर्रार 32 रनों के कैमियो ने वारंगल के स्कोर को 258 तक पहुंचाने में मदद की। मेदक फाल्कन्स के गेंदबाज एन सूर्या तेजा और राहुल कुंटा ने बीच में विकेट लेकर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
कठिन राह पर फाल्कन्स की पलटवार, तिलक वर्मा का 22 गेंदों में अर्धशतक
259 रनों के एवरेस्ट जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेदक फाल्कन्स की शुरुआत अच्छी लेकिन जोमभरी रही। पहले ओवर में नमन अग्रवाल (12 रन) का विकेट गिर गया। इसके बाद भारतीय टी20 टीम के उप-कप्तान तिलक वर्मा क्रीज पर आए और उन्होंने आते ही मैच का पूरा गियर बदल दिया।
तिलक ने वारंगल के गेंदबाजों पर काउंटर-अटैक करते हुए मात्र 22 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया। फाल्कन्स ने पावरप्ले के अंत तक 85/2 का स्कोर बना लिया था, हालांकि इस बीच श्रुंजित रेड्डी (25 रन) दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हो गए।
15वें ओवर का ड्रामा: जब संकट में फंसी मेदक फाल्कन्स
एक समय बेहद आसान दिख रहा यह रन-चेस 15वें ओवर में अचानक रोमांचक मोड़ पर आ गया। वारंगल वॉरियर्स के गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए फाल्कन्स के लगातार तीन विकेट चटका दिए, जिससे मेदक का स्कोर 190/3 से अचानक 190/6 हो गया। अब अंतिम 5 ओवरों (30 गेंदों) में जीत के लिए 65 रनों की दरकार थी, और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ यह टारगेट हासिल करना नामुमकिन लग रहा था।
42 गेंदों में सेंचुरी और ‘नायक’ का साथ; दो गेंद रहते रोमांचक जीत
जब सब उम्मीद छोड़ चुके थे, तब कप्तान तिलक वर्मा का मास्टरक्लास देखने को मिला। उन्होंने मैदान के चारों ओर रिस्ट-वर्क और टाइमिंग का बेहतरीन मुजाहिरा पेश करते हुए सिर्फ 42 गेंदों में अपना शानदार शतक पूरा किया।
क्रीज पर आए नए बल्लेबाज विक्रम नायक ने तिलक का बखूबी साथ निभाया। विक्रम ने महज 12 गेंदों में 27 रनों की कैमियो पारी खेलकर मैच का रुख पूरी तरह मेदक की तरफ मोड़ दिया। दोनों के बीच 7वें विकेट के लिए 58 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी हुई। हालांकि विक्रम आखिरी से ठीक पहले ओवर में आउट हो गए, लेकिन तब तक मैच फाल्कन्स की मुट्ठी में आ चुका था।
आखिरी ओवर के रोमांच में तिलक वर्मा ने अपना संयम बनाए रखा, सूझबूझ से बाउंड्री निकाली और 56 गेंदों में नाबाद 136 रनों (14 चौके, 8 छक्के) की अविश्वसनीय पारी खेलकर अपनी टीम को 3 विकेट से चमत्कारी जीत दिला दी। तिलक की यह पारी इस टी20 लीग के इतिहास की सबसे महानतम पारियों में हमेशा याद रखी जाएगी।
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