News India Live, Digital Desk: अगर आप भी मेट्रो में सफर के दौरान तेज आवाज में रील देखते हैं या फोन पर चिल्लाकर बात करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। चेन्नई मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) ने यात्रियों की शिकायतों के बाद शोर मचाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया है। शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) को जारी आधिकारिक एडवायजरी के अनुसार, अब सह-यात्रियों को असुविधा पहुँचाने पर 500 रुपये तक का जुर्माना और मेट्रो से बाहर निकाले जाने (Deboarding) की नौबत आ सकती है।
1. किन हरकतों पर लगेगा जुर्माना?
CMRL ने स्पष्ट किया है कि निम्नलिखित गतिविधियों को ‘न्यूसेंस’ (Nuisance) की श्रेणी में रखा जाएगा:
बिना हेडफोन म्यूजिक: बिना ईयरफोन या हेडफोन के तेज आवाज में संगीत सुनना या वीडियो/रील देखना।
लाउडस्पीकर कॉल: मोबाइल फोन को स्पीकर मोड पर रखकर बात करना।
तेज बातचीत: मेट्रो ट्रेन या स्टेशन परिसर के भीतर चिल्लाकर या जोर-जोर से बातें करना जिससे दूसरों की शांति भंग हो।
2. क्या कहता है कानून?
यह कार्रवाई मेट्रो रेलवे (संचालन और रखरखाव) अधिनियम, 2002 की धारा 59 के तहत की जा रही है।
दंडनीय अपराध: इस कानून के अनुसार, कोई भी ऐसा कार्य जो यात्रियों को परेशानी पहुँचाता है या उनकी सुविधा में बाधा डालता है, वह एक दंडनीय अपराध है।
जुर्माना और निकास: दोषी पाए जाने पर यात्री को 500 रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना देना होगा। यदि स्थिति गंभीर होती है, तो अधिकृत अधिकारी यात्री को मेट्रो परिसर से बाहर भी कर सकते हैं।
3. ‘पिंक स्क्वाड’ और सुरक्षा टीमें रखेंगी नज़र
नियमों को लागू करने के लिए मेट्रो प्रबंधन ने अपनी विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है:
निरीक्षण दल: ‘पिंक स्क्वाड’ (महिला सुरक्षा टीम), क्विक रिस्पॉन्स टीम और अन्य मेट्रो अधिकारी रूटीन चेकिंग करेंगे।
शिकायत पर कार्रवाई: यदि कोई यात्री किसी सह-यात्री के शोर की शिकायत करता है, तो मौके पर मौजूद अधिकारी तुरंत कार्रवाई करेंगे।
4. CMRL की यात्रियों से अपील
प्रशासन ने अपील की है कि यात्री एक सभ्य और शांत वातावरण बनाए रखने में मदद करें।
हमेशा हेडफोन का इस्तेमाल करें।
फोन पर धीमी आवाज में बात करें।
मेट्रो को अपनी निजी जगह के बजाय एक साझा सार्वजनिक स्थल के रूप में सम्मान दें।
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