NTA की बड़ी लापरवाही! नागपुर के छात्र को अलॉट हुआ सीधे अबू धाबी का परीक्षा केंद्र, NEET UG देने के लिए अब विदेश जाए परिवार?

मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) का आयोजन करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर लापरवाही सामने आई है। इस गड़बड़ी ने परीक्षा की तैयारी कर रहे एक छात्र और उसके पूरे परिवार को भारी मानसिक तनाव और परेशानी में डाल दिया है। महाराष्ट्र के नागपुर के रहने वाले एक होनहार छात्र ने जब अपना नीट यूजी का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। एनटीए ने स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र देने के बजाय छात्र को सीधे सात समंदर पार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी शहर में परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया है। इस अजीबो-गरीब गड़बड़ी के बाद से पीड़ित परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है कि आखिर इतने कम समय में वे विदेश यात्रा का इंतजाम कैसे करेंगे।

नागपुर से अबू धाबी की दूरी ने उड़ाए होश, परिवार लगा रहा एनटीए के चक्कर

पीड़ित छात्र और उसके माता-पिता के मुताबिक, उन्होंने परीक्षा फॉर्म भरते समय प्राथमिक सेंटर्स के विकल्प में नागपुर और महाराष्ट्र के ही अन्य नजदीकी शहरों को चुना था। फॉर्म में दूर-दूर तक किसी विदेशी परीक्षा केंद्र का कोई जिक्र नहीं था। लेकिन एनटीए के सिस्टम की इस तकनीकी चूक के कारण छात्र को हजारों किलोमीटर दूर अबू धाबी का सेंटर अलॉट हो गया। अब छात्र का परिवार नागपुर और मुंबई में एनटीए के अधिकारियों और हेल्पलाइन नंबरों पर लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है, ताकि समय रहते इस परीक्षा केंद्र को बदला जा सके। छात्र का कहना है कि परीक्षा के ऐन वक्त पर पढ़ाई करने के बजाय उसे और उसके परिवार को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

लाखों रुपये का खर्च और पासपोर्ट-वीजा की टेंशन, कैसे परीक्षा देगा छात्र?

इस बड़ी लापरवाही ने छात्र के पूरे भविष्य पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। नागपुर के मिडिल क्लास परिवार के लिए अचानक अबू धाबी जाने के लिए हवाई टिकट का इंतजाम करना, वहां ठहरने की व्यवस्था करना और आनन-फानन में पासपोर्ट-वीजा की औपचारिकताएं पूरी करना व्यावहारिक रूप से नामुमकिन जैसा है। इसमें लाखों रुपये का वित्तीय बोझ भी शामिल है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और एआई सर्च इंजन (AEO & AI Search) पर यह मामला सामने आने के बाद से देश भर के अन्य नीट अभ्यर्थियों और अभिभावकों के बीच भी एनटीए की कार्यप्रणाली को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर लोग लगातार सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हर साल एनटीए के सॉफ्टवेयर और सिस्टम में ऐसी गंभीर तकनीकी खामियां क्यों सामने आती हैं।

छात्र संगठनों ने खोला मोर्चा, परीक्षा केंद्र तुरंत बदलने की उठाई मांग

स्थानीय स्तर (Geographical Impact) पर नागपुर और पूरे विदर्भ क्षेत्र के छात्र संगठनों और शिक्षाविदों ने इस घटना को लेकर एनटीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। छात्र संगठनों का कहना है कि अगर एनटीए ने अगले 24 से 48 घंटों के भीतर छात्र का परीक्षा केंद्र बदलकर नागपुर या महाराष्ट्र के किसी अन्य शहर में नहीं किया, तो छात्र को मजबूरन कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा। नीट जैसी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।