
बिहार में कुदरत का एक बेहद अजीब और दोतरफा मिजाज देखने को मिल रहा है, जिसने मौसम वैज्ञानिकों से लेकर आम जनता तक को पूरी तरह हैरान कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पटना केंद्र ने राज्य के मौसम को लेकर एक बेहद संवेदनशील और दोहरा हाई अलर्ट जारी किया है। बिहार का मौसम इस समय दो अलग-अलग हिस्सों में पूरी तरह बंट चुका है। जहां एक तरफ प्रदेश के कुछ दक्षिण-पश्चिमी जिलों में सूरज की तपिश और जानलेवा हीटवेव (लू) का भयंकर टॉर्चर जारी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मॉनसून की सक्रियता के चलते धूल भरी तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आसमानी बिजली (वज्रपात) का तांडव देखने को मिल रहा है। इस अजीब मौसमी उलटफेर से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दक्षिण बिहार में आसमान से बरस रही है आग, इन जिलों में भीषण लू का रेड अलर्ट
पटना मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भुआ, औरंगाबाद, गया और नवादा सहित दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में पारा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इन इलाकों में पछुआ हवाओं के थपेड़ों और कड़कड़ाती धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए लू (Heatwave) का कड़ा अलर्ट जारी करते हुए लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। गर्म हवाओं के इस थपेड़े से मौसमी बीमारियों का ग्राफ तेजी से ऊपर भागा है और स्थानीय अस्पतालों में मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है।
उत्तर और पूर्वी बिहार में पलटा पासा, आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी
दक्षिण बिहार जहां भीषण तपन से झुलस रहा है, वहीं उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम पूरी तरह सुहावना और राहत भरा बना हुआ है। सीमांचल और कोसी क्षेत्र के जिलों जैसे पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल के साथ-साथ मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर में घने काले बादलों ने डेरा डाल लिया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलने और रुक-रुक कर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण इन इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
वज्रपात को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग बेहद सख्त, जनता के लिए कड़े निर्देश जारी
इस पूरे मानसूनी बदलाव के बीच सबसे ज्यादा चिंताजनक बात राज्य में लगातार हो रहा वज्रपात (आकाशीय बिजली) है। बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से हर साल जान-माल का बड़ा नुकसान होता है, जिसे देखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थानीय जिला प्रशासनों के साथ मिलकर एक विस्तृत गाइडलाइन और एडवाइजरी जारी की है। लोगों से साफ़ तौर पर कहा गया है कि जब भी आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हो या तेज हवाएं चलें, तो वे तुरंत पक्के मकानों में शरण लें। खेतों में काम कर रहे किसानों को बड़े पेड़ों के नीचे या खुले मैदानों में रुकने से पूरी तरह मना किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों तक बिहार में मौसम का यह दोहरा मिजाज इसी तरह बरकरार रहेगा।
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