
उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं और आम जनता के लिए राहत और गर्व से भरी एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। इस साल पूरे उत्तर भारत सहित उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का प्रकोप जारी है, जिससे बिजली की डिमांड अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अमूमन ऐसी कड़कड़ाती गर्मी में उत्तर प्रदेश के शहरों और गांवों में भारी बिजली कटौती और ग्रिड फेल होने की खबरें आम होती थीं, लेकिन उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने इस बार इतिहास रच दिया है। प्रचंड गर्मी के बावजूद राज्य में कहीं भी घोषित कटौती नहीं की गई और रिकॉर्ड तोड़ मेगावाट बिजली की निर्बाध सप्लाई करके उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे ज्यादा बिजली आपूर्ति करने वाला नंबर वन राज्य बन गया है।
भीषण हीटवेव में टूटे डिमांड के सारे रिकॉर्ड, बिजली विभाग ने दिखाया दम
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा, नोएडा और गाजियाबाद सहित प्रदेश के तमाम छोटे-बड़े जिलों में पारा 45 डिग्री के पार जाने की वजह से घरों में एसी, कूलर और रेफ्रिजरेटर लगातार चल रहे हैं। इसके चलते राज्य में बिजली की मांग (Peak Load Demand) ने अपने पिछले सारे रिकॉर्ड्स को ध्वस्त कर दिया है। बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, देश के बड़े-बड़े विकसित राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी ग्रिड ने इस सीजन में 30 हजार मेगावाट से भी अधिक की रिकॉर्ड डिमांड को बेहद सफलतापूर्वक और बिना किसी बत्ती गुल के संभाला है। मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद यूपीपीसीएल के इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर काम कर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को इस जानलेवा गर्मी में एक मिनट के लिए भी बिना बिजली के न रहना पड़े।
आखिर कैसे संभव हुआ यह चमत्कार, जानिए सरकार का मास्टर प्लान
उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति के इस कायाकल्प के पीछे सरकार का एक बेहद सुव्यवस्थित और दूरदर्शी मास्टर प्लान काम कर रहा है। बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए राज्य के अनपरा, ओबरा, और हरदुआगंज जैसे प्रमुख थर्मल पावर प्लांटों (ताप विद्युत गृहों) को पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। इसके अलावा, ग्रिड को ट्रिपिंग से बचाने के लिए एडवांस में ही ट्रांसफार्मरों की क्षमता को बढ़ाया गया था और जर्जर तारों को बदला गया था। स्थानीय स्तर पर फॉल्ट होने पर उसे ठीक करने के लिए हर जिले में ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ (QRT) तैनात की गई है, जो शिकायत मिलते ही चंद मिनटों में खराबी को दुरुस्त कर देती है। यही वजह है कि इस बार स्थानीय फॉल्ट को छोड़कर कहीं भी लंबी बिजली कटौती देखने को नहीं मिल रही है।
गांवों से लेकर शहरों तक मिल रही है चौबीसों घंटे बिजली, जनता गदगद
राज्य सरकार के रोस्टर के अनुसार, वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों, महानगरों और औद्योगिक क्षेत्रों को बिना किसी रुकावट के 24 घंटे बिजली दी जा रही है। वहीं, ग्रामीण इलाकों और तहसील मुख्यालयों को भी 18 से 22 घंटे तक की भरपूर बिजली सप्लाई मिल रही है, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई करने और आम ग्रामीणों को गर्मी से बचने में बहुत बड़ी मदद मिली है। बिजली की इस बेहतरीन उपलब्धता से राज्य के छोटे और बड़े उद्योगों को भी रफ्तार मिली है। उत्तर प्रदेश की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की सराहना अब राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है, और अन्य राज्य भी यूपी के इस सफल ‘पावर मैनेजमेंट मॉडल’ को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
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