गले की ये गंभीर समस्या कर रही है परेशान? इन 5 असरदार घरेलू उपायों और जादुई डाइट से थायराइड को करें जड़ से कंट्रोल

आज के समय की खराब जीवनशैली, मानसिक तनाव और असंतुलित खान-पान के कारण जो बीमारियां लोगों को सबसे ज्यादा अपनी चपेट में ले रही हैं, उनमें थायराइड (Thyroid) एक बेहद प्रमुख समस्या बन चुकी है। गले में स्थित तितली के आकार की यह थायराइड ग्रंथि जब शरीर में जरूरी हार्मोन्स का संतुलन बिगाड़ देती है, तो व्यक्ति का वजन या तो अचानक बहुत ज्यादा बढ़ने लगता है (हाइपोथायरायडिज्म) या फिर तेजी से घटने लगता है (हाइपरथायरायडिज्म)। इसके अलावा हर वक्त शरीर में सुस्ती, थकान, बालों का झड़ना और मूड स्विंग्स होना इसके आम लक्षण हैं। हालांकि लोग इसके लिए नियमित रूप से दवाओं का सेवन करते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दवाओं के साथ-साथ अगर सही घरेलू नुस्खों और एक अनुशासित डाइट चार्ट का पालन किया जाए, तो थायराइड को बहुत ही आसानी से नेचुरल तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

थायराइड को कंट्रोल करने वाले सबसे असरदार घरेलू उपाय

आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में थायराइड ग्रंथि को दोबारा सक्रिय और स्वस्थ बनाने के कई बेहतरीन तरीके बताए गए हैं। इनमें सबसे पहला और अचूक उपाय है ‘साबुत धनिए का पानी’। रात को एक गिलास पानी में दो चम्मच साबुत धनिया भिगोकर रख दें और सुबह इसे तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए, फिर गुनगुना करके इसे खाली पेट पीएं। इसके अलावा, रोजाना सुबह खाली पेट एक चम्मच शुद्ध नारियल तेल (Virgin Coconut Oil) का सेवन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जो थायराइड के मरीजों के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, गले के हिस्से पर हल्के हाथों से अखरोट के तेल या कद्दू के बीज के तेल से मालिश करना भी थायराइड ग्रंथि की कार्यप्रणाली को दुरुस्त करने में बहुत मददगार साबित होता है।

जानिए थायराइड के मरीजों के लिए कैसा होना चाहिए सटीक डाइट प्लान

थायराइड की समस्या में आपकी डाइट यानी खान-पान की भूमिका सबसे बड़ी होती है। यदि आप हाइपोथायरायडिज्म (जिसमें वजन बढ़ता है) से पीड़ित हैं, तो आपको अपनी डाइट में आयोडीन, जिंक और सेलेनियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। इसके लिए कद्दू के बीज, बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज और साबुत अनाज का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। इसके साथ ही हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और कम वसा वाले डेयरी प्रोडक्ट्स आपकी बॉडी को जरूरी पोषण देते हैं। वहीं, शरीर को हमेशा हाइड्रेटेड रखना यानी दिन भर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना थायराइड के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने का सबसे सरल रास्ता है।

भूलकर भी न खाएं ये चीजें, बढ़ सकती है आपकी परेशानी

जितना जरूरी यह जानना है कि क्या खाना चाहिए, उतना ही महत्वपूर्ण यह समझना भी है कि थायराइड में किन चीजों से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। थायराइड के मरीजों को ‘गोइट्रोगेंस’ (Goitrogens) युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन बेहद सीमित या बंद कर देना चाहिए, क्योंकि ये तत्व शरीर में आयोडीन के अवशोषण को रोकते हैं। इनमें पत्तागोभी, फूलगोभी, ब्रोकली, पालक, शलजम और सोयाबीन से बने प्रोडक्ट्स (जैसे सोया बड़ी या टोफू) शामिल हैं। इसके अलावा, अत्यधिक चीनी, मैदा, प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड जूस और कैफीन (चाय-कॉफी) का ज्यादा सेवन आपके थायराइड हार्मोन के स्तर को अचानक बिगाड़ सकता है, जिससे दवाओं का असर भी धीमा हो जाता है।

योग और प्राणायाम से मिलेगा परमानेंट आराम

घरेलू उपायों और सही डाइट के साथ-साथ अगर आप अपने रूटीन में थोड़ा सा शारीरिक श्रम और योग शामिल कर लें, तो थायराइड की समस्या को हमेशा के लिए अलविदा कहा जा सकता है। योग विज्ञान में ‘उज्जायी प्राणायाम’ को थायराइड के लिए सबसे उत्तम रामबाण माना गया है। इस प्राणायाम को करते समय गले से विशेष आवाज निकाली जाती है, जिससे थायराइड ग्रंथि में कंपन होता है और हार्मोन का रिसाव संतुलित होता है। इसके अलावा ‘सर्वांगासन’ और ‘मत्स्यासन’ जैसे योगासनों का नियमित अभ्यास गले के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। रोज सुबह केवल 15 से 20 मिनट का योग आपके मानसिक तनाव को कम करके थायराइड को जड़ से ठीक करने में पूरी मदद करेगा।