नीट परीक्षा केंद्रों पर अनोखा इंतजाम: सेंटर के बाहर बने ‘कूलिंग जोन’, छात्रों को मिलेगी ठंडी शिकंजी और ORS

देश की सबसे प्रतिष्ठित और बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET UG 2026) आज देश भर के विभिन्न शहरों में आयोजित की जा रही है। इस साल रिकॉर्ड संख्या में छात्र डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार सबसे बड़ी चुनौती देश के अधिकांश हिस्सों में पड़ रही भीषण और चिलचिलाती गर्मी है। इसी गंभीर मौसम को ध्यान में रखते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और स्थानीय प्रशासन ने मिलकर इस बार परीक्षा केंद्रों पर बेहद अनोखे और मानवीय इंतजाम किए हैं। इस साल छात्रों और उनके साथ आने वाले अभिभावकों को धूप और लू के थपेड़ों से बचाने के लिए सेंटर्स के बाहर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिनकी हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है।

धूप से मिलेगी राहत, परीक्षा केंद्रों पर बनाए गए विशेष कूलिंग जोन

गर्मी के इस कड़े तेवर को देखते हुए परीक्षा केंद्रों के ठीक बाहर बड़े-बड़े टेंट लगाकर विशेष ‘कूलिंग जोन’ तैयार किए गए हैं। इन जोन में शक्तिशाली वॉटर कूलर, मिस्ट फैंस और बड़े पंखे लगाए गए हैं ताकि चेकिंग और एंट्री के लिए लाइन में खड़े होने के दौरान छात्र बीमार न पड़ें। इसके साथ ही, डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) से बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से मुफ्त में ठंडी शिकंजी, ओआरएस (ORS) का घोल और ग्लूकोज का पानी लगातार बांटा जा रहा है। सुबह के वक्त दूर-दराज के इलाकों से आने वाले अभिभावकों और छात्रों के लिए कुछ केंद्रों पर गरमा-गरम चाय और नाश्ते का भी स्वैच्छिक प्रबंध देखा गया है, जिसने परीक्षा के तनावपूर्ण माहौल को काफी हद तक आसान बना दिया है।

स्थानीय प्रशासन और समाजसेवियों ने मिलाया हाथ, चप्पे-चप्पे पर मेडिकल टीमें

नीट परीक्षा के सफल और सुरक्षित संचालन के लिए इस बार स्थानीय प्रशासन ने भी कमर कस ली है। लखनऊ, दिल्ली, जयपुर और पटना जैसे बड़े परीक्षा केंद्रों के बाहर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैद हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति या छात्र की तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज मुहैया कराने के लिए हर सेंटर के पास एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है। इसके अलावा, स्थानीय सामाजिक संगठनों और रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन्स (RWAs) ने भी आगे आकर पानी की बोतलें और छतरियों का इंतजाम किया है, ताकि चिलचिलाती धूप में अपने बच्चों का इंतजार कर रहे माता-पिता को कोई परेशानी न झेलनी पड़े।

कड़े सुरक्षा घेरे के बीच परीक्षा शुरू, नियमों का पालन करना बेहद जरूरी

इन राहतकारी इंतजामों के बीच परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के भीतर किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, डिजिटल घड़ी, मोबाइल फोन या प्रतिबंधित सामग्री ले जाने पर पूरी तरह रोक है। छात्रों को केवल एडमिट कार्ड, एक वैध पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड) और पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की ही अनुमति दी गई है। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और कड़े सुरक्षा घेरे से गुजरने के बाद ही छात्रों को परीक्षा हॉल में प्रवेश मिल रहा है। परीक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के सकारात्मक और कूलिंग इंतजामों से छात्रों का मानसिक तनाव कम होगा और वे ठंडे दिमाग से अपनी परीक्षा दे सकेंगे।