US Fed Policy 2026: नए फेड चेयरमैन केविन वार्श की पहली बैठक में ब्याज दरें स्थिर; ‘डॉट प्लॉट’ के सख्त रुख पर डोनाल्ड ट्रंप ने जताई असहमति

वाशिंगटन / नई दिल्ली: वैश्विक वित्तीय बाजारों और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) ने कल 17 जून 2026 को समाप्त हुई अपनी उच्च स्तरीय दो दिवसीय बैठक में मुख्य बेंचमार्क ब्याज दरों (Federal Funds Rate) को 3.5% से 3.75% के मौजूदा स्तर पर यथावत (स्थिर) रखने का सर्वसम्मत फैसला लिया है।

यह नीतिगत निर्णय इसलिए सबसे ज्यादा सुर्खियों में है क्योंकि मई में पद संभालने वाले नए फेड चेयरमैन केविन वार्श (Kevin Warsh) की अध्यक्षता में आयोजित यह पहली FOMC (फेडरल ओपन मार्केट कमेटी) बैठक थी। यद्यपि ब्याज दरों में कोई तात्कालिक बदलाव नहीं किया गया, लेकिन बैठक के साथ जारी हुए तिमाही आर्थिक अनुमानों और भविष्य के रोडमैप यानी ‘डॉट प्लॉट’ (Dot Plot) ने वित्तीय बाजारों में एक नया नीतिगत भूचाल ला दिया है।

क्यों नहीं घटीं ब्याज दरें? युद्ध की अनिश्चितता और 3.8% की महंगाई दर

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के सभी 12 वोटिंग सदस्यों ने सर्वसम्मति से दरों को स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया। केंद्रीय बैंक ने अपने आधिकारिक नीतिगत बयान में ब्याज दरों को न घटाने के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण बताए हैं:

  • टारगेट से अधिक इंफ्लेशन: अमेरिका में वर्तमान हेडलाइन कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) आधारित महंगाई दर 3.8% से 4.2% के बीच (तीन साल के उच्च स्तर पर) बनी हुई है, जो कि फेडरल रिजर्व के 2% के आधिकारिक लक्ष्य (Target) से लगभग दोगुनी है।

  • मिड-ईस्ट वॉर के सप्लाई शॉक्स: फेड ने अपने बयान में स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया (Middle East) में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से जारी भीषण सैन्य संघर्ष के कारण वैश्विक सप्लाई चेन और विशेष रूप से ऊर्जा (कच्चा तेल और गैस) के क्षेत्रों में भारी ‘सप्लाई शॉक’ लगा है, जिससे ईंधन की कीमतें आसमान पर पहुंच गई थीं।

  • शांति समझौते के इर्द-गिर्द अनिश्चितता: हालांकि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक अंतरिम शांति समझौते (MoU) की घोषणा की गई है, लेकिन फेड का मानना है कि इस समझौते के जमीनी क्रियान्वयन और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पूरी तरह खुलने को लेकर व्यापक आर्थिक अनिश्चितता अभी भी ऊंचे स्तर पर बरकरार है।

‘डोविश’ से ‘हॉकविश’ हुआ फेडरल रिजर्व; इस साल बढ़ सकती हैं दरें

केविन वार्श के कार्यकाल की इस पहली ही बैठक में फेडरल रिजर्व के रुख में एक बड़ा ‘यू-टर्न’ (बदलाव) देखने को मिला है:

  1. ईजिंग बायस (Easing Bias) की विदाई: फेड ने अपने मासिक नीतिगत बयान से उस पुराने संकेत (लाइन) को पूरी तरह से हटा दिया है, जिसमें पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल के समय आने वाले महीनों में ब्याज दरें घटाने या मौद्रिक नीति को हल्का (Dovish) करने की बात कही जाती थी। अब फेड का रुख पूरी तरह न्यूट्रल से हॉकविश (कड़ा) हो गया है।

  2. सख्त डॉट प्लॉट चार्ट: दर तय करने की प्रक्रिया में शामिल कुल 18 केंद्रीय बैंकर्स (गवर्नर्स और क्षेत्रीय फेड अध्यक्षों) के व्यक्तिगत अनुमानों वाले ‘डॉट प्लॉट’ चार्ट से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं:

    • 9 बैंकर्स का मानना है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए इस साल के अंत तक ब्याज दरों में कम से कम एक या अधिक बार बढ़ोतरी (Rate Hike) की जानी आवश्यक है।

    • 8 बैंकर्स का मानना है कि दरें पूरे साल इसी ऊंचे स्तर पर स्थिर रहेंगी।

    • सिर्फ 1 सदस्य ने इस साल दरें घटाने की संभावना जताई।

  3. शॉर्ट नोट और नया कम्युकेशन: नए चेयरमैन केविन वार्श ने केंद्रीय बैंक के पारंपरिक संवाद के तरीके को बदलते हुए नीतिगत बयान को बेहद छोटा कर दिया। जेरोम पॉवेल के समय का 341 शब्दों का पुराना बयान वार्श के नेतृत्व में घटकर महज 130 शब्दों का रह गया। इसके साथ ही, वार्श ने इस बार ‘डॉट प्लॉट’ में अपना खुद का कोई व्यक्तिगत आर्थिक अनुमान सबमिट नहीं किया।

“यकीन करना मुश्किल” — फेड के फैसले पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का तीखा रुख

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के इस कड़े और भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने वाले कयासों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने सार्वजनिक रूप से अपनी गहरी नाराजगी और असहमति व्यक्त की है।

दरअसल, केविन वार्श को फेड का नया चेयरमैन बनाने के पीछे ट्रंप की मुख्य सोच यह थी कि वे पूर्व चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) की सख्त मौद्रिक नीतियों को पलटकर अमेरिकी उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए लोन (ब्याज दरें) सस्ते करेंगे। ट्रंप लगातार आर्थिक विकास को गति देने के लिए दरों में कटौती की मांग कर रहे थे।

डोनाल्ड ट्रंप का आधिकारिक बयान: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने और भविष्य में इसे और बढ़ाने के संकेतों पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने तीखे लहजे में कहा, “ठीक है, जो भी निर्णय उन्होंने लिया है वह ठीक है, लेकिन आने वाले समय में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना की बात करना पूरी तरह से अतार्किक है और इस पर यकीन करना बेहद मुश्किल है। इस तरह का सख्त रुख देश के रियल एस्टेट, विनिर्माण और समग्र आर्थिक विकास (GDP Growth) की रफ्तार को पूरी तरह से रोकता है।”