अमित शाह की बैठक में ऐतिहासिक फैसला, किशाऊ बांध परियोजना पर छह राज्यों में बनी सहमती

केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में हुई एक अहम बैठक में, उत्तराखंड समेत छह राज्यों के बीच लंबे समय से अटके ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर सहमति बन गई है। इस प्रोजेक्ट का मकसद यमुना नदी का कायाकल्प करना है।

किशाऊ बांध परियोजना पर छह राज्यों में बनी सहमती

केन्द्रीय गृह मंत्री की पहल पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान किशाऊ बहु-उद्देशीय परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) के लिए सहमत हो गए हैं। MoU होने के बाद किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

बैठक में केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव और हिमाचल और उत्तराखंड सरकारों के मुख्य सचिव, और गृह मंत्रालय, प्रधान मंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सम्मिलित हुए।

दिल्ली-राजस्थान को मिलेगा अतिरिक्त पानी

बैठक में यह तय किया गया कि किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना के तहत, पानी से जुड़े हिस्से की लागत का 90% केंद्र सरकार केंद्रीय सहायता के तौर पर उठाएगी, जबकि बाकी 10% का आर्थिक बोझ छह राज्य मिलकर उठाएंगे।

बैठक में हिमाचल प्रदेश के हिस्से की बिजली से जुड़ी लागत को साझा करने के बदले, हिमाचल प्रदेश के लिए तय पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बनी। यह फ़ैसला साफ़ और निर्मल यमुना पाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा, क्योंकि इससे नदी में साफ़ पानी का बहाव बढ़ेगा।