
UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से दिए गए ‘चेले-चपाटे’ वाले बयान पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा जवाब दिया है। आगरा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में नकारात्मक राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है और विरोधियों की छवि खराब करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं।
‘अपने गुरुओं को कौन संभालेगा’, अखिलेश का पलटवार
सीएम योगी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि वह किसी के गुरु-शिष्य संबंधों पर टिप्पणी नहीं करना चाहते, लेकिन भाजपा नेताओं को पहले अपने घर की व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि “अपने गुरुओं को कौन संभालेगा, उस विषय को मैं छेड़ना नहीं चाहता। भाजपा ने देश में नकारात्मक राजनीति की परंपरा विकसित की है और विरोधियों की छवि खराब करने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधनों का इस्तेमाल किया जाता है।”
‘2017 से पहले योगी की पहचान सीमित थी’
सपा प्रमुख ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उनकी पहचान आज जैसी नहीं थी। अखिलेश यादव ने दावा किया कि प्रदेश की जनता उन्हें उस स्तर पर नहीं जानती थी, जिस स्तर पर आज उनकी राजनीतिक पहचान बनाई गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा लगातार प्रचार और छवि निर्माण की राजनीति कर रही है।
युवाओं के मुद्दे पर सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने रोजगार और भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों को निराश किया है। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है तो रोजगार सृजन सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी और भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई का वादा
अखिलेश यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के विश्वास को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत तंत्र विकसित किया जाएगा। उनका कहना था कि योग्य युवाओं को बिना किसी बाधा के रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
छोटे कारोबारियों की स्थिति पर भी उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नीतियों के कारण छोटे व्यापारी और कारोबारी वर्ग दबाव में है। उनका कहना था कि बाजार में मांग घटने और बढ़ती आर्थिक चुनौतियों का असर छोटे व्यवसायों पर साफ दिखाई दे रहा है।
2027 चुनाव से पहले तेज हो रही सियासी जंग
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। भाजपा और समाजवादी पार्टी दोनों ही जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हैं। ऐसे में नेताओं के तीखे बयान आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति को और गर्मा सकते हैं।
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