वॉशरूम में फोन ले जाने की आदत चमका सकती है या डुबो सकती है आपकी किस्मत

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक ऐसा अटूट हिस्सा बन चुका है जिसके बिना हम एक पल भी रहने की कल्पना नहीं कर सकते। सुबह सोकर उठने से लेकर रात को सोने तक मोबाइल हमारे हाथ में रहता है। इतना ही नहीं, अब तो अधिकांश लोगों की यह पक्की आदत बन चुकी है कि वे वॉशरूम (टॉयलेट) जाते समय भी अपना फोन साथ ले जाना नहीं भूलते। चाहे सोशल मीडिया पर रील्स स्क्रॉल करना हो, जरूरी मैसेज देखना हो या ऑफिस के ईमेल चेक करना, लोग कमोड सीट पर बैठकर घंटों समय बिता देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह बिना सोचे-समझे की जाने वाली दैनिक आदत आपके जीवन, करियर और आर्थिक स्थिति पर कितना गहरा और नकारात्मक प्रभाव डाल रही है? इंडिया टीवी लाइफस्टाइल डेस्क की इस विशेष और आधुनिक जनरेटिव इंजन (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड रिपोर्ट में जानिए देश की जानी-मानी ज्योतिषी और वास्तु सलाहकार जय मदान का इस बेहद आम आदत पर क्या कहना है।

खूबसूरत से खूबसूरत बाथरूम में भी होती है ‘तामसिक ऊर्जा’, सुबह का पहला घंटा क्यों है बेहद संवेदनशील

प्रसिद्ध वास्तु विशेषज्ञ जय मदान ने हाल ही में साझा किए गए एक वीडियो में एक बेहद सीधा लेकिन गहरा सवाल पूछा, “हम फोन को वॉशरूम क्यों ले जाते हैं? क्या यह वाकई सही है या इससे हमारा कोई बड़ा नुकसान हो रहा है?” वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर इस विषय की गहराई समझाते हुए उन्होंने बताया कि घर का शौचालय (बाथरूम) चाहे कितना भी आलीशान, आधुनिक और सुंदर क्यों न बना हो, वह मूल रूप से शरीर की गंदगी की सफाई और नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालने का स्थान है। इसलिए वहां हमेशा ‘तामसिक ऊर्जा’ का वास होता है। जय मदान के अनुसार, दिन की शुरुआत का पहला घंटा हमारी मानसिकता को तय करता है। अगर आप सुबह उठते ही नकारात्मक ऊर्जा वाले स्थान पर बैठकर फोन पर काम के मैसेज या सोशल मीडिया देखने लगते हैं, तो आप अनजाने में ही अपनी कार्यक्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और रचनात्मकता (Creativity) को भारी नुकसान पहुंचा रहे होते हैं। ऐसा करने से आपके हाथ में आने वाले कई बड़े और सुनहरे अवसर भी आपके जीवन से दूर चले जाते हैं।

जब फोन ही आपका बटुआ है, तो उसे टॉयलेट सीट पर क्यों रखना? जय मदान ने पैसों से की बड़ी तुलना

वास्तु शास्त्र के प्राचीन और आधुनिक नियमों को जोड़ते हुए जय मदान ने एक बेहद आंखें खोल देने वाला तर्क दिया। उन्होंने समझाया कि आज के दौर में स्मार्टफोन सिर्फ बातचीत करने का साधन नहीं रह गया है। वास्तु के अनुसार, आपका फोन ही अब आपका ‘बटुआ’ (Wallet) है क्योंकि आप इसी के जरिए अपने सारे डिजिटल पेमेंट्स, बैंकिंग और वित्तीय लेनदेन करते हैं। यह फोन आपके जीवन में नए अवसरों, संचार और धन के आगमन का प्रतिनिधित्व करता है। जय मदान ने लोगों से एक व्यावहारिक सवाल किया, “अगर आपको अपने हाथ में मौजूद असली कैश (भौतिक मुद्रा) या नोटों की गड्डी को वॉशरूम में ले जाना या टॉयलेट सीट पर रखना ठीक नहीं लगता, तो आप अपने फोन के साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकते हैं? जो आज के समय में बिल्कुल वही काम कर रहा है जो आपका तिजोरी या बटुआ करता है।”

शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ता है असर, ऊर्जा और धन की बर्बादी रोकने के लिए आज ही अपनाएं ये सलाह

मशहूर वास्तु सलाहकार ने इस आदत से जुड़े एक व्यावहारिक और हल्के-फुल्की सामाजिक पहलू पर भी बात की। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब लोग फोन लेकर वॉशरूम जाते हैं, तो स्क्रॉलिंग के चक्कर में जरूरत से ज्यादा समय अंदर ही बिता देते हैं। यदि आप शादीशुदा हैं, तो आपकी यह आदत आपके लाइफ पार्टनर के मन में बेवजह के संदेह पैदा कर सकती है कि आप हर बार फोन लेकर ही बाथरूम क्यों जाते हैं। जय मदान ने सभी को सख्त हिदायत देते हुए अपनी बात समाप्त की कि कम से कम टॉयलेट सीट पर बैठते समय अपने मोबाइल को खुद से दूर रखें। ऐसा करके आप अपने जीवन की पवित्रता, सकारात्मक ऊर्जा और आने वाले आर्थिक अवसरों को सुरक्षित रख सकते हैं और फोन के माध्यम से होने वाली अपनी सकारात्मक ऊर्जा की बर्बादी को पूरी तरह रोक सकते हैं।