Hormuz Strait Crisis: भारतीय जहाजों पर ईरान का ड्रोन हमला? डोनाल्ड ट्रंप के नए दावे ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में मचाया हड़कंप

पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में स्थिति एक बार फिर बेहद विस्फोटक हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरानी सेना ने ड्रोन के जरिए इस रास्ते से गुजर रहे भारतीय जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की है। हालांकि, अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने कमर्शियल जहाजों (व्यापारिक पोतों) को निशाना बनाने जा रहे कई ईरानी ड्रोनों को समय रहते मार गिराया और इस हमले को पूरी तरह नाकाम कर दिया।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले कुछ दिनों से इस समुद्री क्षेत्र में भारतीय क्रू (चालक दल) वाले जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे नई दिल्ली और वॉशिंगटन के बीच भी कूटनीतिक तनाव देखा जा रहा है।

ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का फूटा गुस्सा: ‘ईरान अपनी हरकतें सुधारे’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक लंबी और तीखी पोस्ट लिखकर ईरान पर अपनी भड़ास निकाली। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जहाजों पर इस तरह के हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं।

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा:

“कल रात होर्मुज जलमार्ग से निकल रहे भारतीय जहाजों पर उनका (ईरान का) ड्रोन हमला, जिसे पूरी तरह से नाकाम कर दिया गया, कतई अस्वीकार्य है। उन्हें जल्द से जल्द अपनी हरकतें सुधारनी होंगी, और वह भी बहुत जल्दी!”

हालांकि, रक्षा जानकारों का कहना है कि हाल-फिलहाल में सीधे किसी विशुद्ध भारतीय स्वामित्व वाले जहाज पर हमले की पुष्टि नहीं हुई है, बल्कि उन विदेशी झंडे वाले जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है जिन पर भारतीय नाविक तैनात हैं।

भारतीय नाविकों की मौत और भारत सरकार का कड़ा रुख

होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी के पास पिछले एक हफ्ते में तीन ऐसी बड़ी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने भारत की चिंता को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य पहलुओं को आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साफ किया था कि जिन जहाजों पर हमले हुए वे विदेशी झंडे वाले हैं, लेकिन नागरिक शिपिंग के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल पूरी तरह अस्वीकार और चिंताजनक है। इसी बीच अब ट्रंप ने नया मोड़ देते हुए दावा किया है कि शुक्रवार रात ईरान ने खुद भारतीय जहाजों पर ड्रोन से हमला करने की कोशिश की थी।

शांति समझौते (Peace Deal) पर फिरा पानी?

यह नया सैन्य टकराव इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि इसके ठीक एक दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने का एक ‘शानदार समझौता’ लगभग फाइनल हो चुका है और इसी वीकेंड यूरोप में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। लेकिन अब दोनों देशों के बीच अविश्वास की खाई और गहरी हो गई है।

ट्रंप ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह प्रस्तावित समझौते को लेकर मीडिया में जानबूझकर झूठी और भ्रामक शर्तें (Fake News) लीक कर रहा है। ट्रंप ने नाराजगी जताते हुए कहा, “लिखित रूप में जो शर्तें तय हुई हैं, ईरान द्वारा फैलाई जा रही बातों का उससे कोई लेना-देना नहीं है। इनके साथ ईमानदारी से कोई बात नहीं हो सकती।”

दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। ईरान का कहना है कि अमेरिका की ‘हथियारबंद लूट’ और समुद्री डकैती की नीतियां ही वैश्विक शांति और सुरक्षित समुद्री आवाजाही के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई हैं।