क्या आपके सिर में भी अक्सर बना रहता है भारीपन और तेज दर्द? भूलकर भी इसे आम न समझें

आज के इस बेहद आधुनिक, कड़क और कूटनीतिक रूप से व्यस्त दौर में सिरदर्द होना एक बेहद आम बात बन चुकी है। अक्सर लोग इसे ऑफिस के काम का दबाव, नींद की कमी या सामान्य थकान समझकर पूरी तरह से नजरअंदाज कर देते हैं या फिर बिना किसी डॉक्टर की सलाह के खुद से ही कोई पेनकिलर (दर्द निवारक दवा) खा लेते हैं। लेकिन एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों ने अब इस पर एक बेहद गंभीर और बड़ा हेल्थ अलर्ट जारी किया है। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आपके सिर में अक्सर दोनों तरफ एक अजीब सा दबाव, जकड़न और लगातार हल्का या तेज दर्द बना रहता है, तो यह कोई साधारण सिरदर्द नहीं है। यह चिकित्सा विज्ञान की भाषा में टीटीएच (TTH) यानी ‘टेंशन-टाइप हेडेक’ का एक बहुत बड़ा और छिपा हुआ लक्षण हो सकता है।

आखिर क्या है यह टीटीएच (TTH) की समस्या और क्यों जकड़ लेती है आपके सिर को तमाम बड़े डॉक्टरों और न्यूरोलॉजिस्ट्स के मुताबिक, टीटीएच (Tension-Type Headache) दुनिया भर में पाया जाने वाला सबसे आम प्रकार का सिरदर्द है, लेकिन इसके बावजूद लोग इसके बारे में सबसे कम जानते हैं। जब यह दर्द उठता है, तो पीड़ित व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे उसके सिर के चारों ओर किसी ने एक बहुत ही कड़क और लोहे की पट्टी या बैंड कसकर बांध दिया हो। यह दर्द आपके सिर के पिछले हिस्से से शुरू होकर गर्दन और कंधों की मांसपेशियों तक फैल जाता है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह आज की खराब लाइफस्टाइल में छिपा अत्यधिक मानसिक तनाव, घंटों तक कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन के सामने गलत पोस्चर (बैठने के तरीके) में बैठे रहना और आंखों पर लगातार पड़ने वाला भारी दबाव है।

सावधान! इन बड़ी गलतियों के कारण धीरे-धीरे पुराना और क्रोनिक हो जाता है यह दर्द एक न्यूरोलॉजिस्ट के नजरिए से देखें तो इस बीमारी के बढ़ने की सबसे बड़ी वजह हमारी दैनिक जीवन की कुछ ऐसी अनदेखी गलतियां हैं, जिन पर हमारा ध्यान ही नहीं जाता। शरीर में पानी की कमी होना (डीहाइड्रेशन), समय पर भोजन न करना, खाली पेट लंबे समय तक चाय या कॉफी का अत्यधिक सेवन करना और रात में 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद न लेना इस दर्द के सबसे बड़े ट्रिगर पॉइंट माने जाते हैं। जब लोग इस दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए बार-बार काउंटर से पेनकिलर खरीदकर खाने लगते हैं, तो उनका शरीर उस दवा का आदी हो जाता है। नतीजा यह होता है कि दवा का असर खत्म होते ही यह सिरदर्द पहले से भी ज्यादा आक्रामक और कड़े रूप में वापस लौट आता है, जिसे ‘मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक’ भी कहा जाता है।

टीटीएच के इस चक्रव्यूह से बचने और सिर को हमेशा हल्का रखने के आसान उपाय अगर आप भी इस दर्दनाक समस्या से हमेशा के लिए निजात पाना चाहते हैं और अपनी सेहत को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आपको अपनी दिनचर्या में कुछ बेहद सरल लेकिन बड़े कूटनीतिक बदलाव करने होंगे। सबसे पहले अपने काम के बीच-बीच में स्क्रीन से ब्रेक लेने की आदत डालें और हर आधे घंटे में अपनी गर्दन और कंधों को थोड़ा स्ट्रेच करें। दिन भर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीएं ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए रोजाना सुबह कम से कम 15 मिनट प्राणायाम, ध्यान या गहरी सांस लेने का व्यायाम (डीप ब्रीथिंग) अवश्य करें। अगर इन सब बदलावों के बाद भी आपका सिरदर्द हफ्ते में दो से तीन बार से ज्यादा होता है, तो बिना देर किए किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें ताकि समय रहते इसका सही इलाज शुरू हो सके।