
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के अथक प्रयासों और दूरदर्शी सोच के चलते आज प्रदेश में ग्रामीण कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण UPRRDA के अधीन प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अन्तर्गत ग्रामीण मार्गों के निर्माण में न केवल गति आई है, बल्कि इसमें नवाचार (Innovation) और पर्यावरण संरक्षण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
वेस्ट प्लास्टिक तकनीक के मुख्य लाभ:
• अत्यधिक मजबूती और टिकाऊपन : पारंपरिक सड़कों की तुलना में प्लास्टिक मिश्रित सड़कों की भार वहन क्षमता अधिक होती है, जिससे भारी वाहनों के चलने पर भी सड़कें जल्दी नहीं टूटतीं।
• जल-प्रतिरोधी क्षमता: यह तकनीक सड़कों को वाटर-प्रूफिंग प्रदान करती है, जिससे बरसात के दिनों में पानी के ठहराव के बावजूद सड़कों पर गड्ढे नहीं बनते।
• लागत में कमी: बिटुमेन (डामर) के साथ प्लास्टिक कचरे का उपयोग करने से निर्माण लागत में कमी आती है, जिससे सरकारी धन की भी बचत हो रही है।
• कार्बन फुटप्रिंट में कमी: प्लास्टिक को खुले में जलाने या डंप करने के बजाय सड़कों में रीसायकल करने से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आ रही है।
सशक्त और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत का संकल्प
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से आज उत्तर प्रदेश के सुदूर गांवों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ा जा चुका है। आधुनिक तकनीक, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और उच्च गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना (Infrastructure) का यह बेहतरीन समन्वय ग्रामीण भारत को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
इन मजबूत सड़कों के बनने से ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और मंडियों तक पहुंचने में सुगमता हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधे तौर पर गति मिल रही है। उप मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में इस तकनीक का दायरा और अधिक बढ़ाया जाएगा।
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