
बॉलीवुड की बेबाक क्वीन और मशहूर अभिनेत्री कंगना रनौत इन दिनों अपनी आने वाली मच-अवेटीड फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ को लेकर जबरदस्त सुर्खियों में छाई हुई हैं। कंगना की यह फिल्म साल 2008 में हुए दिल दहला देने वाले 26/11 के मुंबई आतंकी हमले की एक बेहद संवेदनशील और साहसिक कहानी पर आधारित है। हाल ही में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के ग्रैंड इवेंट के दौरान कंगना रनौत ने उस खौफनाक काली रात से जुड़ा अपना एक ऐसा पर्सनल और अनसुना किस्सा साझा किया, जिसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया। कंगना ने बताया कि जब मुंबई पर आतंकियों ने हमला किया था, तब वह अपनी एक खास दोस्त के घर पर बेहद मजे से पार्टी कर रही थीं।
स्ट्रगल के दिनों में यारी रोड पर सजी थी महफिल, जमकर थिरक रहे थे कदम
‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर मीडिया से खुलकर बात करते हुए कंगना रनौत ने फ्लैशबैक में जाकर उस खौफनाक तारीख 26 नवंबर 2008 की यादें ताजा कीं। कंगना ने बताया कि वह उन दिनों बॉलीवुड में कदम जमाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही थीं। उन्होंने पुरानी यादों को याद करते हुए कहा कि मेरे पास उस रात का एक बेहद दिलचस्प और अजीब किस्सा है। हम सभी विशेष फिल्म्स (महेश भट्ट के प्रोडक्शन हाउस) के साथ काम करने वाले स्ट्रगलर्स थे। उसी दौरान हमारी साथी अभिनेत्री शाहना गोस्वामी ने मुंबई के यारी रोड इलाके में एक नया घर लिया था। शाहना ने हम सभी दोस्तों को अपने नए घर पर बुलाया और कहा कि चलो सब मिलकर एक शानदार हाउस वार्मिंग पार्टी करते हैं।
नाच-गाने के बीच अचानक हुई महेश भट्ट की एंट्री, बोले- तुरंत टीवी चालू करो
कंगना ने आगे बताया कि शाहना गोस्वामी के घर पर पार्टी का माहौल एकदम सेट था। मैं, शाहना, शगुफ्ता और हमारे कई अन्य दोस्त वहां मौजूद थे। लाउड म्यूजिक बज रहा था, सब नाच रहे थे, गा रहे थे और अपनी ही धुन में मजे कर रहे थे। तभी अचानक उस पार्टी के बीच में मशहूर फिल्म मेकर महेश भट्ट साहब की एंट्री हुई। भट्ट साहब का चेहरा गंभीर था, उन्होंने अंदर आते ही हम सब से कहा कि अपना यह नाच-गाना और म्यूजिक तुरंत बंद करो और सबसे पहले टीवी चालू करो। हम सब हैरान थे कि आखिर भट्ट साहब अचानक ऐसा क्यों कह रहे हैं।
‘आतंकवादी हमला हो चुका है…’ खबर सुनते ही सन्न रह गए थे 20-25 लोग
कंगना रनौत के मुताबिक, जैसे ही टीवी स्क्रीन चालू हुई, सामने का मंजर देखकर कमरे में मौजूद हर शख्स सन्न रह गया। महेश भट्ट साहब ने गंभीर आवाज में हमसे कहा कि मुंबई पर बहुत बड़ा आतंकवादी हमला हो रहा है। कंगना ने बताया कि टीवी पर गोलियों की आवाज और धुएं का गुबार देखकर हम सब इतने डर गए थे कि हमने शाहना से पूछा कि क्या हमें तुरंत अपने-अपने घर के लिए निकल जाना चाहिए या फिर यहीं रुकना चाहिए? इस पर महेश भट्ट साहब ने हमें समझदारी भरा मशविरा दिया कि इस वक्त बाहर निकलना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है, इसलिए कोई भी अपने घर नहीं जाएगा और सब यहीं बैठकर सुबह होने का इंतजार करेंगे। कंगना ने कहा कि हम करीब 20-25 लोग रातभर शाहना के घर में ही कैद रहे, अगर भट्ट साहब आकर हमें सचेत नहीं करते तो हमें काफी देर तक इस भयानक हादसे की भनक तक नहीं लगती।
166 बेगुनाहों की मौत और कामा अस्पताल की उन जांबाज नर्सों की अनकही दास्तान
आपको बता दें कि 26/11 की वो रात भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक और भयावह घटनाओं में से एक है, जब पाकिस्तानी आतंकियों के एक समूह ने समुद्र के रास्ते मुंबई में घुसकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन, होटल ताज, होटल ट्राइडेंट और एक यहूदी केंद्र को अपना निशाना बनाया था। इस आत्मघाती हमले में 166 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। वहीं, कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की बात करें, तो यह फिल्म मुंबई के कामा अस्पताल (Cama Hospital) में उस रात तैनात रहीं उन जांबाज नर्सों की असली और साहसिक कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाएगी, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए आतंकियों के सामने ढाल बनकर करीब 400 मासूम मरीजों की जान बचाई थी।
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