TCS नासिक मामला: कंपनी ने तोड़ी चुप्पी, यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपों पर जारी किया आधिकारिक बयान, उठाए ये 5 बड़े कदम

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टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने महाराष्ट्र के नासिक में यौन शोषण और धर्मांतरण के गंभीर आरोपों को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट कर दी है। कंपनी के सीईओ के. कृतिवासन ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए बताया कि कंपनी इन आरोपों को पूरी गंभीरता से ले रही है और निष्पक्ष जांच के लिए कई स्वतंत्र विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है।

1. स्वतंत्र जांच के लिए डेलॉइट और ट्राइलीगल की मदद

TCS ने इस मामले में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बाहरी विशेषज्ञों को शामिल किया है। कंपनी ने वैश्विक ऑडिट फर्म डेलॉइट (Deloitte) और प्रमुख लॉ फर्म ट्राइलीगल (Trilegal) को स्वतंत्र कानूनी सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि आंतरिक जांच किसी भी प्रकार के प्रभाव से मुक्त रहे।

2. उच्च स्तरीय निगरानी समिति का गठन

जांच की निगरानी के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता TCS के स्वतंत्र निदेशक केकी मिस्त्री कर रहे हैं।

नेतृत्व: आंतरिक जांच का नेतृत्व टीसीएस की अध्यक्ष और मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) आरती सुब्रमण्यम कर रही हैं।

कार्य: यह समिति जांच के निष्कर्षों की समीक्षा करेगी और भविष्य के कड़े कदमों पर सिफारिशें देगी।

3. निदा खान को लेकर तथ्यों पर स्पष्टीकरण

मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बीच TCS ने निदा खान की भूमिका पर सफाई दी है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि:

वह HR मैनेजर नहीं थीं और न ही उनके पास भर्ती (Recruitment) की कोई जिम्मेदारी थी।

वह केवल एक ‘प्रक्रिया सहयोगी’ (Process Associate) थीं और उनके पास किसी भी प्रकार का नेतृत्व पद नहीं था।

4. नासिक यूनिट के बंद होने की खबर ‘गलत’

TCS ने उन अफवाहों का भी खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि नासिक यूनिट को बंद कर दिया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि नासिक यूनिट पूरी तरह से कार्यरत (Operational) है और ग्राहकों को दी जाने वाली सभी सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं। कंपनी ने मीडिया से अनुरोध किया है कि तथ्यों की पुष्टि के बिना ऐसी भ्रामक जानकारी न फैलाएं।

5. POSH और एथिक्स चैनल में अब तक कोई शिकायत नहीं

कंपनी ने एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी रखा है कि उनकी प्रारंभिक समीक्षा के अनुसार, अभी तक POSH (Prevention of Sexual Harassment) या एथिक्स चैनल में इस मामले से जुड़ी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। हालांकि, आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कंपनी अपनी विस्तृत जांच जारी रखेगी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों (Law Enforcement Agencies) के साथ पूरा सहयोग कर रही है।

TCS की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

TCS ने अपने बयान में दोहराया कि कंपनी कर्मचारी सुरक्षा और सम्मान के सर्वोच्च मानकों का पालन करती है। कंपनी ने साफ कहा है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या जबरदस्ती के खिलाफ शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति रखती है और जांच के नतीजों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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