
पश्चिम एशिया में जारी भयंकर युद्ध और तनाव के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीति से जुड़ी एक बेहद राहत भरी और सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक शांति समझौते को लेकर बेहद सकारात्मक और निर्णायक संकेत दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया नेटवर्क ‘एबीसी न्यूज’ (ABC News) को दिए एक विशेष इंटरव्यू में यह बड़ा और चौंकाने वाला दावा किया है कि अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच फाइनल डील होने के पूरे आसार हैं, जिसके तुरंत बाद दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए दोबारा खोल दिया जाएगा। डोनाल्ड ट्रंप ने इस महाडील के आड़े आ रही बाधाओं का भी जिक्र किया और वैश्विक शांति की दिशा में अपनी भावी रणनीति को दुनिया के सामने रखा।
ट्रंप की हिज्बुल्ला और नेतन्याहू से सीधी बात, कहा— ‘यह समझौता किसी भी सैन्य जीत से कहीं ज्यादा बड़ा’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए अपने स्तर पर की गई बेहद गोपनीय और आक्रामक कूटनीति का खुलासा करते हुए कहा कि उन्होंने हिज्बुल्ला और इजरायल दोनों के शीर्ष नेतृत्व से सीधी बात की है। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने हिज्बुल्ला के कमांडरों को साफ लहजे में चेतावनी दी कि अब उनकी तरफ से कोई गोलीबारी या रॉकेट हमला नहीं होना चाहिए। इसके बाद उन्होंने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी संपर्क किया और लेबनान में जारी भीषण बमबारी और हमलों को तुरंत रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए। ट्रंप ने दावा किया कि उनके इस सख्त हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों की ओर से जारी हिंसक हमलों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ होने वाला यह ऐतिहासिक समझौता किसी भी सैन्य विजय या युद्ध जीतने से कहीं ज्यादा बेहतर और प्रभावी साबित होगा, क्योंकि वे एक बहुत बड़े देश और वैश्विक अर्थव्यवस्था के हित में काम कर रहे हैं।
लेबनान पर इजरायल के नए जमीनी हमले बने रोड़ा, सीजफायर बहाली के लिए रुबियो ने संभाली कमान
इस बेहद संवेदनशील शांति समझौते के रास्ते में आ रही आखिरी बाधा का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने माना कि एक छोटी सी समस्या वर्तमान में आड़े आ रही है, जिसे अगले सप्ताह तक हर हाल में सुलझा लिया जाएगा। ट्रंप का इशारा लेबनान में इजरायली सेना द्वारा किए जा रहे हालिया हमलों की तरफ था, जिसे लेकर ईरान बेहद नाराज है। दरअसल, इजरायली सेना ने लेबनान में अपने जमीनी सैन्य अभियान का अचानक विस्तार कर दिया है और नई सैन्य कार्रवाई को अंजाम देने के लिए अमेरिका से आधिकारिक मंजूरी भी मांगी है। अमेरिकी मीडिया आउटलेट ‘एक्सियोस’ (Axios) की एक विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 48 घंटों के भीतर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू से अलग-अलग दौर की बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण बातचीत की है ताकि युद्धविराम (Ceasefire) को पूरी तरह बहाल किया जा सके।
क्या हैं इस सीक्रेट शांति प्रस्ताव की शर्तें? कैसे थमेगा मिडल ईस्ट का महायुद्ध
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की देखरेख में तैयार किए जा रहे इस व्यापक शांति समझौते के तहत दोनों पक्षों के सामने कुछ बेहद सख्त और जरूरी शर्तें रखी गई हैं। इस नए कूटनीतिक प्रस्ताव के अनुसार, लेबनान के आतंकी संगठन हिज्बुल्ला को इजरायल की सीमाओं के भीतर किए जाने वाले सभी प्रकार के मिसाइल, रॉकेट और घातक ड्रोन हमलों को पूरी तरह से और हमेशा के लिए रोकना होगा। इसके बदले में इजरायली सेना को भी लेबनान की संप्रभुता का सम्मान करते हुए वहां अपने पैर पीछे खींचने होंगे और आगे किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई या हवाई हमलों से पूरी तरह बचना होगा। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि लेबनान में पूर्ण युद्धविराम स्थापित करना अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के व्यापक ढांचे का सबसे अहम हिस्सा है, और जैसे ही यह मोर्चा शांत होगा, वैसे ही ईरान के साथ फाइनल महाडील पर हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर मंडरा रहा ऊर्जा संकट पूरी तरह टल जाएगा।
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