Saturday , October 17 2026

अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरा MOU और निवेश के दावों को बताया हवाई किला

Post

News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर ‘निवेश और तकनीक’ को लेकर तलवारें खिंच गई हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार द्वारा हाल ही में ‘पूछ एआई’ (Pooch AI) के साथ किए गए समझौते (MOU) पर कड़ा प्रहार किया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर तंज कसते हुए पूछा है कि आखिर कागजों पर होने वाले ये अरबों के निवेश धरातल पर कब उतरेंगे? उन्होंने इस पूरे मामले को जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला करार दिया है।

क्या है ‘पूछ एआई’ विवाद और अखिलेश का आरोप? दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में प्रदेश को आगे ले जाने के लिए ‘पूछ एआई’ नामक स्टार्टअप के साथ एक समझौता किया है। अखिलेश यादव का आरोप है कि सरकार जिन कंपनियों के साथ एमओयू कर रही है, उनकी विश्वसनीयता और क्षमता संदिग्ध है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, “उत्तर प्रदेश की भोली-भाली जनता को एआई के नाम पर ‘पूछ’ रहे हैं, लेकिन हकीकत में बेरोजगारी और महंगाई का जवाब देने से बच रहे हैं। आखिर ये निवेश केवल तस्वीरों और विज्ञापनों तक ही क्यों सीमित है?”

यूपी में निवेश के आंकड़ों पर खड़ा किया सवाल अखिलेश यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान हुए पुराने समझौतों की याद दिलाते हुए कहा कि सरकार ने 35 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का दावा किया था, लेकिन जमीन पर एक प्रतिशत भी काम नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्मार्ट यूपी’ की बातें केवल चुनावी जुमले हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वह ‘पूछ एआई’ के साथ हुए करार की पूरी शर्तें और कंपनी का प्रोफाइल सार्वजनिक करे ताकि प्रदेश की जनता को सच्चाई पता चल सके।

योगी सरकार का पलटवार: “विपक्ष को विकास से है एलर्जी” विपक्ष के इन तीखे हमलों पर भाजपा और सरकार के प्रवक्ताओं ने भी पलटवार किया है। सरकार की ओर से कहा गया है कि अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश की तरक्की और नई तकनीक से ‘एलर्जी’ है। सरकारी सूत्रों का दावा है कि ‘पूछ एआई’ जैसी पहल से प्रदेश के युवाओं के लिए तकनीक के क्षेत्र में नए दरवाजे खुलेंगे और यूपी जल्द ही एआई हब बनेगा। भाजपा ने कहा कि सपा काल में केवल ‘कट्टा’ और ‘गुंडागर्दी’ का निवेश होता था, जबकि अब ‘आईटी’ और ‘एआई’ का निवेश हो रहा है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी ‘जुबानी जंग’ अखिलेश यादव के इस बयान के बाद एक्स (पहले ट्विटर) पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस छिड़ गई है। सपा समर्थक जहाँ इसे सरकार की नाकामियों का पर्दाफाश बता रहे हैं, वहीं सत्ता पक्ष के समर्थक इसे विकास में बाधा डालने की कोशिश करार दे रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले चुनावों में ‘निवेश’ और ‘रोजगार’ एक बड़ा मुद्दा बनने वाला है, और अखिलेश यादव इसी रणनीति के तहत सरकार को घेर रहे हैं।

–Advertisement–