दिल्ली-NCR को जाम से मिलेगी बड़ी राहत; जून के दूसरे हफ्ते में शुरू हो सकता है DND-जैतपुर पुश्ता एक्सप्रेसवे

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और वाहन चालकों के लिए एक बेहद शानदार खबर आई है। डीएनडी (DND) महारानी बाग से लेकर जैतपुर पुश्ता रोड तक का 9 किलोमीटर का बेहद महत्वपूर्ण हाईवे हिस्सा बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसके शुरू होते ही चारों शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों का न सिर्फ घंटों का समय बचेगा, बल्कि सफर भी काफी आरामदायक हो जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे का जैतपुर पुश्ता रोड से आगे फरीदाबाद (सेक्टर-65) तक का 24 किलोमीटर और सोहना तक का 26 किलोमीटर का हिस्सा पहले से ही सुचारू रूप से चल रहा है। अब इस आखिरी 9 किलोमीटर के जुड़ जाने से पूरा कॉरिडोर आपस में कनेक्ट हो जाएगा।

कालिंदी कुंज और मथुरा रोड के महाजाम से मिलेगा परमानेंट छुटकारा

वर्तमान में दिल्ली से फरीदाबाद या पलवल जाने के लिए लोगों को मथुरा रोड या कालिंदी कुंज के रास्ते जाना पड़ता है। जगह-जगह ट्रैफिक सिग्नल होने की वजह से मथुरा रोड पर हमेशा गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहती हैं, वहीं कालिंदी कुंज चौराहे पर भी सुबह और शाम के वक्त भारी ट्रैफिक का दबाव रहता है।

इस नए हिस्से के चालू होने से:

  • दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद से फरीदाबाद आने-जाने वाले हजारों वाहनों को एक सीधा और हाई-स्पीड विकल्प मिल जाएगा।

  • दक्षिण दिल्ली से सोहना जाने में जहां पहले ढाई घंटे का लंबा समय लगता था, वहीं अब लोग इस एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे की मदद से मात्र 28 मिनट में सोहना पहुंच रहे हैं।

  • इसके साथ ही, मात्र 30 मिनट के भीतर लोग सीधे बड़ौदा-मुंबई हाईवे को टच कर पा रहे हैं।

एक नजर में: प्रोजेक्ट की कुल लागत और रूट का गणित

भारतमाला परियोजना के तहत बने इस पूरे हाईवे प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं:

प्रोजेक्ट के मुख्य बिंदु विस्तृत जानकारी (Project Details)
प्रोजेक्ट का नाम डीएनडी-सोहना एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे (दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का हिस्सा)
कुल लंबाई 59.063 किलोमीटर
नया तैयार हुआ हिस्सा डीएनडी महारानी बाग से जैतपुर पुश्ता रोड (9 किलोमीटर)
प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग ₹4,463 करोड़
लेन की संख्या 6-लेन (हाई-स्पीड कॉरिडोर)
कनेक्ट होने वाले शहर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोहना

जून के दूसरे सप्ताह में जनता को सौंपने की तैयारी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को इस तैयार हो चुके 9 किलोमीटर के हिस्से का बारीकी से निरीक्षण किया। मीठापुर चौक पर गाड़ियों के चढ़ने और उतरने (एंट्री और एग्जिट प्वाइंट) की व्यवस्था पहले ही पूरी की जा चुकी है, जिससे दक्षिण दिल्ली के निवासियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया:

“दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के इस बचे हुए 9 किलोमीटर हिस्से का सिविल काम पूरा कर लिया गया है। अगले 20 दिनों के भीतर इस पर गाड़ियों का लोड टेस्टिंग (भार परीक्षण) का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके तुरंत बाद लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को प्रस्ताव भेजा जाएगा। हमारी पूरी उम्मीद है कि जून के दूसरे सप्ताह तक इसे आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।”

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी सीधा जुड़ेगा यह एक्सप्रेसवे

दिल्ली को पूरी तरह जाम और प्रदूषण से मुक्त करने के लिए सरकार एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। अगले एक साल के भीतर एक नया 31.425 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगा, जो इस दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को सीधे नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ देगा।

लगभग ₹2,360 करोड़ की लागत से बनने वाले इस लिंक प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद, उत्तर भारत से आने वाली गाड़ियां ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के रास्ते सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगी। इससे दिल्ली के आंतरिक रास्तों पर ट्रकों और भारी वाहनों का दबाव लगभग खत्म हो जाएगा और गुरुग्राम, फरीदाबाद व दक्षिण दिल्ली के लोग भी बिना किसी ट्रैफिक के सीधे जेवर एयरपोर्ट की फ्लाइट पकड़ सकेंगे।