Delhi Metro Phase 4: दिसंबर तक मजेंटा और गोल्डन लाइन के इन रूट्स पर दौड़ने लगेगी ट्रेन, जानें आपके इलाके को क्या मिला

दिल्ली और इसके आसपास के एनसीआर (NCR) शहरों में रोजाना सफर करने वाले लाखों कामकाजी लोगों और आम जनता के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुगम बनाने के लिए दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण (Phase 4) का काम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, साल 2026 के अंत तक दिल्ली मेट्रो के तीन बेहद महत्वपूर्ण कॉरिडोर पर ट्रेनों का कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने की पूरी उम्मीद है।

इन नए रूट्स के चालू हो जाने से दिल्ली मेट्रो के मौजूदा विशाल नेटवर्क में करीब 36 किलोमीटर की नई लाइनों की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसमें मजेंटा लाइन का विस्तार और बिल्कुल नई बनने वाली गोल्डन लाइन शामिल है, जिससे पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी दिल्ली के बीच का सफर बेहद आसान हो जाएगा।

किन रूट्स पर शुरू होने वाली है ट्रेनें?

इस साल के अंत तक जिन तीन प्रमुख हिस्सों को आम जनता के लिए खोलने की तैयारी है, वे इस प्रकार हैं:

  • मजेंटा लाइन विस्तार (जनकपुरी पश्चिम – आरके आश्रम मार्ग): इस रूट के दो अलग-अलग हिस्सों पर काम आखिरी चरण में है। पहला हिस्सा कृष्णा पार्क एक्सटेंशन से दीपाली चौक तक का है, और दूसरा हिस्सा मजलिस पार्क से सीधे आरके आश्रम मार्ग को जोड़ेगा। इसके शुरू होने से बाहरी और मध्य दिल्ली की आपस में कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो जाएगी।

  • गोल्डन लाइन (एरोसिटी – तुगलकाबाद कॉरिडोर): यह रूट दक्षिणी दिल्ली और फरीदाबाद की तरफ से आने-जाने वाले लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा। इसके चालू होने के बाद फरीदाबाद और साउथ दिल्ली के लोगों को आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट पहुंचने के लिए बार-बार मेट्रो बदलने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।

दिल्ली मेट्रो चौथा चरण: आगामी और निर्माणाधीन कॉरिडोर का पूरा विवरण

मेट्रो के चौथे चरण के तहत कुछ रूट्स को पहले ही जनता के लिए शुरू किया जा चुका है (जैसे जनवरी 2025 में जनकपुरी पश्चिम-कृष्णा पार्क हिस्सा और 8 मार्च 2026 को पीएम मोदी द्वारा मजलिस पार्क-मौजपुर व दीपाली चौक-मजलिस पार्क हिस्से का उद्घाटन)।

बाकी बचे और निर्माणाधीन रूट्स का पूरा ब्योरा नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

क्यों हुई काम शुरू होने में देरी?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 मार्च 2019 को मेट्रो के चौथे चरण के तहत मजलिस पार्क-मौजपुर, जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग और एरोसिटी-तुगलकाबाद लाइनों को मंजूरी दी थी। इसके बाद, हाल ही में 13 मार्च 2024 को सरकार ने दो और नए रूट्स (लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक और इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ) को भी अपनी हरी झंडी दे दी।

शुरुआती दौर में केंद्र से मंजूरी मिलने के बाद दिल्ली सरकार की तरफ से प्रशासनिक स्वीकृतियों में हुए कुछ विलंब और उसके तुरंत बाद आई कोरोना महामारी (Covid-19) के चलते जमीनी स्तर पर काम तय समय पर शुरू नहीं हो पाया था। लेकिन अब सभी अड़चनें दूर हो चुकी हैं और डीएमआरसी दिन-रात काम करके इस प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने में जुटा हुआ है।

 यात्रियों को मिलने वाले बड़े फायदे

इन तीनों कॉरिडोर के पूरी तरह एक्टिव हो जाने के बाद यात्रियों का न केवल कीमती समय बचेगा बल्कि सड़कों पर वाहनों का लोड भी काफी कम होगा। खासकर गोल्डन लाइन के चालू होने से दिल्ली के सबसे व्यस्त रास्तों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को सीधे हवाई अड्डे तक एक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिल जाएगी। इसी तरह, मजेंटा लाइन का नया विस्तार पूर्वी और पश्चिमी दिल्ली के दूर-दराज के इलाकों को आपस में सीधे जोड़ देगा, जिससे नौकरीपेशा लोगों को रोजाना के लंबे सफर से राहत मिलेगी।