
लखनऊ। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पत्र जारी कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने युवाओं, बच्चों और समाज के सभी वर्गों से प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने और पर्यावरण बचाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि पर्यावरण केवल वर्तमान पीढ़ी की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार भी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के बीच पर्यावरण संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।
युवाओं और बच्चों से विशेष अपील
सीएम योगी ने विशेष रूप से युवाओं और बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि वे प्रकृति संरक्षण की मुहिम में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता और जैव विविधता के संरक्षण जैसे प्रयासों को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे सकारात्मक कदम भी पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
हर नागरिक निभाए अपनी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनें और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और हरित उत्तर प्रदेश का निर्माण तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति पर्यावरण संरक्षण को अपना कर्तव्य समझे।
सतत विकास के लिए पर्यावरण सुरक्षा जरूरी
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि विकास की यात्रा तभी सार्थक होगी जब प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरणीय संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संदेश लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने और हरित भविष्य के निर्माण में सहभागी बनने की प्रेरणा देता है।
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