News India Live, Digital Desk: भारत और रूस की सदाबहार दोस्ती अब एक नए और बेहद शक्तिशाली अध्याय की ओर बढ़ रही है। रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने एक बड़ा बयान देकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अलीपोव ने स्पष्ट किया है कि रूस न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है, बल्कि रक्षा सौदों में भी ‘सुपरफास्ट’ डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। सबसे बड़ी खबर यह है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की तैयारियां भी जोरों पर हैं, जो दुनिया को एक कड़ा संदेश देने वाला है।
S-400 मिसाइल सिस्टम और Su-57 पर बड़ी अपडेट
रूस ने भारत को भरोसा दिलाया है कि बहुचर्चित S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की बाकी बची हुई यूनिट्स की सप्लाई निर्धारित समय पर पूरी कर ली जाएगी। इसके साथ ही, अत्याधुनिक पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान Su-57 को लेकर भी दोनों देशों के बीच गहरी चर्चा चल रही है। डेनिस अलीपोव ने संकेत दिए कि रूस भारत को वह तकनीक देने के लिए तैयार है, जो उसने आज तक किसी और देश के साथ साझा नहीं की है। यह रक्षा सौदा भारतीय वायुसेना की ताकत को कई गुना बढ़ा सकता है।
ऊर्जा संकट पर रूस का ‘ब्लैंक चेक’, भारत की मर्जी से होगी सप्लाई
दुनिया भर में जारी तेल संकट और प्रतिबंधों के बीच रूस ने भारत को खुला प्रस्ताव दिया है। अलीपोव ने कहा कि “भारत जितना चाहे और जिस कीमत पर चाहे, रूस उतना तेल और गैस देने को तैयार है।” रूस का यह ‘ब्लैंक चेक’ भारत की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद भारत ने रूस के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को प्राथमिकता दी है, और अब रूस ने भी अपनी वफादारी दिखाते हुए भारत के लिए अपने ऊर्जा भंडार के दरवाजे पूरी
क्या चीन और अमेरिका को लगेगी मिर्ची?
व्लादिमीर पुतिन का आगामी भारत दौरा केवल एक द्विपक्षीय मुलाकात नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति का एक नया ध्रुव होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जब पुतिन और पीएम मोदी गले मिलेंगे, तो इसकी तपिश वॉशिंगटन से लेकर बीजिंग तक महसूस की जाएगी। भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी विदेश नीति किसी देश के दबाव में नहीं, बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर चलेगी। S-400 की समय पर डिलीवरी और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग यह साबित करता है कि रूस आज भी भारत का सबसे भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बना हुआ है।
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